ट्रक संचालकों का मकसद निगम को बदनाम करना नहीं, बल्कि उसे कर्तव्य के प्रति जागरूक करना है : योगेंद्र

ट्रक संचालकों का मकसद निगम को बदनाम करना नहीं, बल्कि उसे कर्तव्य के प्रति जागरूक करना है : योगेंद्र

राकेश सोनी। नादौन 

पूर्व सैनिक ट्रक ऑपरेटर जिला इकाई अध्यक्ष योगेंद्र अवस्थी ने कहा कि पूर्व सैनिक ट्रक संचालकों का मकसद निगम को बदनाम करना नहीं, बल्कि निगम को उसके कर्तव्य के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बरमाना फैक्ट्री में पूर्व सैनिकों को काम दिया जा रहा है उससे तो यह वर्ग शीघ्र ही सड़क पर आ जाएगा। अवस्थी ने आंकड़े बताते कहा कि बीडीटी एस को क्लिंकर सहित डिमांड दी जा रही है, जबकि पूर्व सैनिकों को मात्र सीमेंट की डिमांड ही दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि गत 8 मार्च को बीडीटीएस को कुल डिमांड 452 जबकि निगम को 65, 9 मार्च को बीडीटीएस को 420 और निगम को 100, 11 मार्च को बीडीटीएस को 640 और निगम को 202,12 मार्च को बीडीटीएस को 509 और निगम को 91,13 मार्च को बीडीटीएस को 563 और निगम को 115 तथा 14 मार्च को बीडीटीएस को 549 तथा निगम को 160 की डिमांड दी गई है, जिससे परिस्थितियों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

अवस्थी ने कहा कि निगम अध्यक्ष 5 और 9 दिसंबर की बैठकों का हवाला दे रहे हैं परंतु यह सबको पता है कि फैक्ट्री 14 दिसंबर को बंद हुई थी और 22 फरवरी 2023 को दोबारा आरंभ हुई, इसके बाद ही समस्या हुई है। ऐसे में निगम अध्यक्ष कैसे कह सकते हैं कि निगम पूर्व सैनिकों के हितों की रक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि निगम अध्यक्ष को इस बारे मुख्यमंत्री सुखविंदर से भी चर्चा करनी चाहिए। अवस्थी ने मांग की है कि पूर्व सैनिकों को क्लीनकर ढुलाई का कार्य भी मिलना चाहिए और अडानी समूह के साथ निगम का जो भी एग्रीमेंट हुआ उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि निगम इस समस्या से अपना पल्लू नहीं झाड़ सकता है।

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