बेंगलुरु में हिमाचल राज्यत्व दिवस 2026, नशामुक्ति का संदेश
बेंगलुरु में हिमाचल कर्नाटक कल्याण संघ ने राज्यत्व दिवस 2026 मनाया। “नशामुक्त हिमाचल” थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम व जागरूकता संदेश दिया गया।
बेंगलुरु।
हिमाचल कर्नाटक कल्याण संघ (Himachali in Bangalore) द्वारा हिमाचल प्रदेश का राज्यत्व दिवस 2026 बेंगलुरु में बड़े हर्षोल्लास, गरिमा और सामाजिक सरोकारों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हिमाचल की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली इतिहास को याद किया गया।
“नशामुक्त हिमाचल” रही आयोजन की मुख्य थीम
इस वर्ष आयोजन की विशेष थीम “नशामुक्त हिमाचल” रखी गई, जिसका उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा।
राष्ट्रीय गान से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गान के साथ हुआ, जिसने उपस्थित लोगों में देशभक्ति, एकता और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना को और सुदृढ़ किया।
200 से अधिक प्रवासी हिमाचलियों की सहभागिता
इस भव्य आयोजन में करीब 200 से अधिक प्रवासी हिमाचली भाई-बहन शामिल हुए। सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी जड़ों से जुड़े रहने और हिमाचल की पहचान को जीवंत बनाए रखने का संदेश दिया।
हिमाचली संस्कृति और स्वाद का संगम
कार्यक्रम के दौरान—
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हिमाचली लोकगीत और पारंपरिक संगीत
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सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
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पारंपरिक हिमाचली व्यंजन
विशेष आकर्षण रहे।
धाम, सिड्डू, मदरा सहित अन्य पारंपरिक व्यंजनों ने सभी को हिमाचल की मिट्टी और परंपराओं से भावनात्मक रूप से जोड़ दिया।
नशे के खिलाफ सशक्त संदेश
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली पक्ष रहा नशे के विरुद्ध जागरूकता। एक नाट्य प्रस्तुति (स्क्रिप्ट प्ले) के माध्यम से यह दिखाया गया कि नशा हिमाचल के युवाओं और भविष्य के लिए कितनी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
इस प्रस्तुति ने दर्शकों को गहराई से सोचने पर मजबूर किया और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी को उजागर किया।
कार्यकारिणी व स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान
इस सफल आयोजन में संघ की कार्यकारिणी समिति की अहम भूमिका रही।
कार्यक्रम को सफल बनाने में—
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अध्यक्ष: दिनेश राणा
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सचिव: सनी शर्मा
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कोषाध्यक्ष: अश्विन शर्मा
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उपाध्यक्ष: अनुराग धीमान
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मनदीप सिंह, आशीष कालिया, दीपक चौहान, विनीत भारद्वाज
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एवं संघ के स्वयंसेवकों
का विशेष योगदान रहा।
नाटी और लोकगीतों के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन हिमाचली लोकगीतों और पारंपरिक नाटी पर सामूहिक नृत्य के साथ हुआ, जिसने पूरे माहौल को उल्लास, ऊर्जा और हिमाचली रंग में रंग दिया।
निष्कर्ष
हिमाचल कर्नाटक कल्याण संघ का यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि संस्कृति, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का सशक्त संदेश था। ऐसे कार्यक्रम प्रवासी हिमाचलियों को जोड़ने के साथ-साथ युवाओं को नशे से दूर रहने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं।
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