टांडा मेडिकल कॉलेज में एंटी-रैगिंग पर राष्ट्रीय वेबिनार
डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा के MBBS व B.Sc. छात्रों ने NMC द्वारा आयोजित राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग वेबिनार में भाग लिया।
सुमन महाशा। कांगड़ा
डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज (DRPGMC) टांडा के सभी MBBS और B.Sc. छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर के एंटी-रैगिंग वेबिनार में सक्रिय भागीदारी निभाई। यह वेबिनार नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य मेडिकल संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ सख्त संदेश देना था।
रैगिंग मुक्त कैंपस की दिशा में बड़ा कदम
वेबिनार में मेडिकल और संबद्ध स्वास्थ्य पाठ्यक्रमों के छात्रों को रैगिंग के सामाजिक, मानसिक और कानूनी प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि संस्थान में जीरो टॉलरेंस नीति को गंभीरता से लिया जा रहा है।
NMC चेयरपर्सन का सख्त संदेश
मुख्य संबोधन में NMC चेयरपर्सन ने कहा कि—
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रैगिंग कोई परंपरा नहीं, बल्कि मानव गरिमा और अधिकारों का उल्लंघन है
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भविष्य के डॉक्टरों को प्रशिक्षण की शुरुआत से ही संवेदनशीलता, करुणा और नैतिक मूल्यों को अपनाना चाहिए
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शारीरिक, मानसिक, मौखिक या साइबर रैगिंग—हर रूप में यह अपराध है
उन्होंने चेतावनी दी कि रैगिंग के मामलों में NMC, UGC और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों को बताए गए अधिकार और सहायता तंत्र
वेबिनार में छात्रों को एंटी-रैगिंग नियमों और सुरक्षा तंत्र की जानकारी दी गई, जिनमें शामिल हैं—
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एंटी-रैगिंग कमेटी और स्क्वाड
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शिकायत निवारण तंत्र
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राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टल
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शिकायतकर्ता की गोपनीयता और सुरक्षा
छात्रों को बिना डर शिकायत दर्ज करने के लिए प्रेरित किया गया।
सीनियर्स की सकारात्मक भूमिका पर जोर
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि सीनियर छात्रों की भूमिका डराने की नहीं, बल्कि मेंटोर और मार्गदर्शक बनने की होनी चाहिए। बडी सिस्टम और पीयर मेंटरिंग जैसे उपायों को रैगिंग का स्वस्थ विकल्प बताया गया।
प्रश्नोत्तर सत्र में खुलकर बोले छात्र
इंटरएक्टिव सेशन में छात्रों ने—
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शिकायत प्रक्रिया
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साइबर रैगिंग
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सोशल मीडिया की भूमिका
जैसे विषयों पर सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने स्पष्ट और व्यावहारिक समाधान दिया।
निष्कर्ष
वेबिनार के अंत में सभी छात्रों ने रैगिंग न करने और न सहने की सामूहिक शपथ ली। कॉलेज प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया कि DRPGMC टांडा में हर छात्र को सुरक्षित, सम्मानजनक और सहयोगी वातावरण प्रदान किया जाएगा। यह आयोजन मेडिकल शिक्षा में मूल्यों और अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल साबित हुआ।
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