गुरु रविदास जयंती पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, फतेहपुर से गुगलाडा तक गूंजे जयकारे | भव्य शोभा यात्रा ने बांधा समां
Guru Ravidas Jayanti was celebrated with great devotion in Kangra district. A grand Shobha Yatra was taken out from Fatehpur to Guglada with bhajan-kirtan, satsang and flower shower, spreading the message of equality and brotherhood.
रघुनाथ शर्मा | नूरपुर
संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 649वीं जयंती के पावन अवसर पर जिला कांगड़ा की फतेहपुर व जवाली विधानसभा क्षेत्रों में आस्था, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। गुरु रविदास महासभा फतेहपुर के तत्वावधान में रविदास मंदिर फतेहपुर से रविदास मंदिर गुगलाडा तक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
फूलों से सजे विशाल रथ पर गुरु रविदास महाराज के चित्र को विराजमान कर शबद-कीर्तन, भजन और ढोल-नगाड़ों के साथ शोभा यात्रा दोपहर बाद आरंभ हुई। यह यात्रा फतेहपुर, रैहन, भरमाड़ और जवाली से होते हुए गुगलाडा पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभा यात्रा का भव्य स्वागत किया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया।
शोभा यात्रा से पूर्व रविदास मंदिर फतेहपुर में स्वामी श्री 108 गुरदीप गरी महाराज (पठानकोट) ने सत्संग के माध्यम से संगत को गुरु रविदास महाराज के जीवन, विचारों और समाज सुधार के संदेश से प्रेरित किया।
इस अवसर पर रविदास महासभा फतेहपुर की प्रधान दर्शना देवी, उपप्रधान प्रेम सिंह, चेयरमैन सुखविंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष वलबिंद्र सिंह, उपप्रधान जोगिंद्र सम्याल सहित महासभा के अन्य पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में गुरु-प्रेमी श्रद्धालु, महिलाएं और युवा उपस्थित रहे।
महासभा के प्रवक्ता सुरजीत ने कहा कि गुरु रविदास महाराज ने समाज को समानता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है। महासचिव विजय सम्याल ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जयंती को श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया गया, ताकि गुरु महाराज की शिक्षाएं नई पीढ़ी तक पहुंच सकें।
शोभा यात्रा के गुगलाडा पहुंचने पर संगत द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया और पूरा परिसर ‘गुरु रविदास महाराज की जय’ के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर गुगलाडा में भंडारे का आयोजन किया गया, जबकि 1 फरवरी को रविदास मंदिर फतेहपुर के प्रांगण में भी भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
गुरु रविदास महाराज की जयंती पर निकली यह शोभा यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि समाज को समानता, एकता और भाईचारे का सशक्त संदेश भी देकर गई।
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