9वीं बार कल केंद्रीय बजट पेश करेंगी वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण , राजकोषीय घाटे से ज्यादा ऋण-जीडीपी पर जोर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को अपना नौवां बजट पेश करेंगी। इस बजट में विशेष ध्यान ऋण-जीडीपी अनुपात घटाने पर होगा, जो वर्तमान में लगभग 56% है। राजकोषीय घाटा 3-4% के दायरे में संतुलित रखा जाएगा। सरकार ने वित्तीय स्थिरता और आर्थिक विस्तार पर जोर दिया है।
नई दिल्ली I वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार यानी एक फरवरी को अपना नौवां बजट पेश करेंगी जिनमें दो अंतरिम बजट भी शामिल हैं।
आगामी आम बजट में किसी खास राजकोषीय घाटे के आंकड़े को लक्षित करने के बजाय ऋण-जीडीपी अनुपात को कम करने पर जोर दिया जाएगा, जो इस समय लगभग 56 प्रतिशत है। ऐसा इसलिए है क्योंकि देश एफआरबीएम कानून में दिए गए राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के मार्ग के लगभग अंत तक पहुंच गया है।
भारत जैसी बढ़ती और विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए 3-4 प्रतिशत का राजकोषीय घाटा सहज और उचित माना जाता है, जिसका उद्देश्य वित्तीय स्थिरता के साथ आर्थिक विस्तार को संतुलित करना है। संशोधित राजकोषीय दायित्व और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम के तहत, 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे रखा गया था। इसलिए, केंद्र सरकार ने ऋण-जीडीपी अनुपात को एक नया मानक घोषित किया है।
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