प्रकृति की मार के बीच हिमाचल, केंद्र की नीतिगत बेरुख़ी उजागर : विशाल कौशल
केंद्रीय बजट में हिमाचल को विशेष राहत न मिलने पर युवा कांग्रेस नेता विशाल कौशल ने सवाल उठाए। आपदा, कृषि और पर्यावरण पर बजट को बताया निराशाजनक।
ब्यूरो रिपोर्ट। नादौन
केंद्रीय बजट को भले ही विकास का दस्तावेज़ बताया जा रहा हो, लेकिन हिमाचल प्रदेश के लिए यह बजट निराशा और उपेक्षा का प्रतीक बनकर सामने आया है। नादौन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए युवा कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विशाल कौशल ने कहा कि लगातार प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हिमाचल को इस बजट से विशेष सहयोग की उम्मीद थी, लेकिन केंद्र सरकार ने देवभूमि की पीड़ा को नजरअंदाज कर दिया।
उन्होंने कहा कि आपदाओं के कारण प्रदेश में सड़कों, पुलों और घरों का भारी नुकसान हुआ है और हजारों परिवार आज भी विस्थापन की पीड़ा झेल रहे हैं। इसके बावजूद बजट में हिमालयी और आपदाग्रस्त राज्यों के लिए किसी विशेष पुनर्वास या पुनर्निर्माण पैकेज की घोषणा नहीं की गई।
विशाल कौशल ने कहा कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियाँ अन्य राज्यों से भिन्न हैं, जहां विकास की लागत अधिक और संसाधन सीमित हैं। बावजूद इसके, केंद्र ने प्रदेश को सामान्य राज्यों की श्रेणी में रखकर अन्याय किया है। उन्होंने कृषि, बागवानी, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी बजट को कमजोर बताया।
अंत में उन्होंने कहा कि कर्ज़ सीमा में राहत न देना और राजकोषीय अनुशासन के नाम पर दबाव बनाना यह साबित करता है कि यह बजट हिमाचल विरोधी है।
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