भाजपा बताए, प्रदेश को आरडीजी मिलने के पक्ष में हैं या नहींः मुख्यमंत्री
सिरमौर के पच्छाद में CM सुक्खू ने भाजपा से RDG पर रुख साफ करने को कहा, अदरक MSP और विकास योजनाओं की भी बड़ी घोषणाएं कीं।
सिरमौर । जिला के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के सराहां में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दूध पर समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है और अदरक पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जाएगा। एक वर्ष के भीतर सराहां अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती की जाएगी साथ ही अल्ट्रासाउंड मशीन भी स्थापित होगी। उन्होंने सराहां में सीबीएसई स्कूल खोलने और सराहां-चंडीगढ़ सड़क मार्ग को डबललेन करने की भी घोषणा की। उन्होंने कांग्रेस नेता दयाल प्यारी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाई एस परमार को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लोगों के हितों की रक्षा के लिए धारा 118 का प्रावधान किया और वर्तमान राज्य सरकार भी उन्हीं के पद चिन्हों पर चल रही है। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार के समय से प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान मिलता रहा, लेकिन 16वें वित्तायोग ने 77 साल पुरानी व्यवस्था को खत्म कर दिया। राजस्व घाटा अनुदान सरकार का नहीं, प्रदेश के लोगों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के लोगों के हितों की लड़ाई लड़ रही है। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा नेताओं की मांग पर सर्वदलीय बैठक का स्थान बदला गया लेकिन हिमाचल के हितों के लिए भाजपा खड़ी नहीं हुई, जबकि अन्य सभी दलों ने राजस्व घाटा अनुदान पर राज्य सरकार को समर्थन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में जब उन्होंने भाजपा नेताओं से पूछा कि क्या वह हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान मिलने के पक्ष में हैं, तो उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को प्रदेश को 10 हजार करोड़ रुपए की कटौती का मुद्दा प्रदेश की जनता के समक्ष रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग कोई खैरात नहीं मांग रहे, यह हिमाचल प्रदेश का हक है। राज्य सरकार अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी और इसमें लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है। भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री के पास जाकर राजस्व घाटा अनुदान बहाल कराएं।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और गत तीन वर्ष संघर्षपूर्ण रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजनीतिक आपदा, आर्थिक आपदा और प्राकृतिक आपदा का सामना किया है। राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायकों ने ऑपरेशन लोटस के जरिए सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया लेकिन जनता ने 2027 तक सरकार चलाने का फिर से आशीर्वाद कांग्रेस पार्टी को दिया।
जनसभा में पच्छाद की विधायक रीना कश्यप ने भी अपने विचार रखे और क्षेत्र की समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के हकों की लड़ाई लड़ रहे हैं। राजस्व घाटा अनुदान खत्म होने से प्रदेश को 50 हजार करोड़ का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू राजनीतिक आपदा से बाहर निकले है, उससे उन्हें और ज्यादा ख्याति मिली है।
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