RDG बंदी पर सुक्खू सरकार अलर्ट, बजट से पहले विशेष सत्र संभव
आरडीजी खत्म होने पर सुक्खू सरकार ने बजट से पहले विशेष सत्र बुलाने की तैयारी शुरू की। 08 फरवरी को कैबिनेट बैठक में होगा अहम फैसला।
शिमला । केंद्र सरकार के बजट में राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) समाप्त किए जाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए हिमाचल प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र की तैयारी शुरू हो गई है। इस गंभीर विषय पर मंत्रिपरिषद की बैठक में मंथन होने की संभावना है। विशेष सत्र बुलाने का निर्णय 08 फरवरी को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में लिया जा सकता है, जबकि यह सत्र 15 फरवरी के बाद किसी भी समय आयोजित किया जा सकता है। इसके बाद ही विधानसभा का बजट सत्र बुलाया जाएगा।
सोलहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद पेश केंद्रीय बजट में 31 मार्च 2026 के बाद आरडीजी को पूरी तरह समाप्त करने का प्रावधान किया गया है, जिससे हिमाचल प्रदेश को बड़ा झटका लगा है। यह अनुदान राज्य के बढ़ते राजस्व घाटे को पाटने का एक अहम वित्तीय सहारा रहा है, जो हर साल बढ़ता जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश को वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर आरडीजी मिलता रहा है। पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत राज्य को 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए कुल लगभग 37,199 करोड़ रुपए का राजस्व घाटा अनुदान स्वीकृत किया गया था। इसमें 2021-22 में 10,249 करोड़ रुपए, 2022-23 में 9,377 करोड़ रुपए, 2023-24 में 8,058 करोड़ रुपए और 2024-25 में 6,258 करोड़ रुपए जारी किए गए। 31 मार्च 2026 तक केवल 3,257 करोड़ रुपए और मिलेंगे, जिसके बाद यह अनुदान पूरी तरह बंद हो जाएगा।
वरिष्ठ मंत्रियों के अनुसार, मंत्रिपरिषद इस बात पर भी चर्चा करेगी कि राज्य का प्रशासन सोलहवें वित्त आयोग को पहाड़ी राज्यों के बढ़ते राजस्व घाटे को ध्यान में रखने वाला कोई फार्मूला शामिल कराने में क्यों विफल रहा।
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