शिवलिंग पर भूलकर भी न चढ़ाएं ये चीजें!

महाशिवरात्रि 2026 पर शिवलिंग पूजा के नियम जानें। तुलसी, सिंदूर, हल्दी जैसी चीजें चढ़ाने से बचें, नहीं तो पूजा का फल प्रभावित हो सकता है।

Feb 14, 2026 - 19:29
Feb 14, 2026 - 19:32
 0  9
शिवलिंग पर भूलकर भी न चढ़ाएं ये चीजें!

महाशिवरात्रि भगवान शिव की पूजा का सबसे प्रमुख पर्व माना जाता है और देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दिन शिवभक्त व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्चे मन से की गई पूजा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होती है और भक्तों पर उनकी विशेष कृपा बरसती है।

शिवलिंग पूजा की परंपरा 
शिवलिंग पर जल, दूध, भस्म और बेलपत्र अर्पित करना सदियों से प्रचलित है। लेकिन ज्योतिष और पुराणों के अनुसार, कुछ वस्तुओं का प्रयोग पूजा में वर्जित माना गया है। इनका अर्पण करने से पूजा का फल कम हो सकता है या नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए महाशिवरात्रि  पर केवल श्रद्धा ही नहीं, बल्कि नियमों का पालन करना भी जरूरी है।

तुलसी और शिवलिंग 
हिंदू धर्म में तुलसी को पवित्र माना जाता है और यह विष्णु पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। परंतु शिवलिंग पर तुलसी चढ़ाना वर्जित है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव ने तुलसी के पति असुर जालंधर का वध किया था। इससे आहत होकर तुलसी ने शिवपूजा से दूरी बना ली। इस कारण शिवलिंग पर तुलसी का प्रयोग नहीं किया जाता।

सिंदूर, कुमकुम और हल्दी 
कुमकुम और सिंदूर स्त्री तत्व और श्रृंगार का प्रतीक हैं, जबकि शिवजी तप और वैराग्य के प्रतीक हैं। इसलिए इनका शिवलिंग पर अर्पण निषिद्ध माना गया है। हल्दी भी स्त्री तत्व से जुड़ी मानी जाती है और इसे विवाह या शुभ कार्यों में प्रयोग किया जाता है। इसलिए महाशिवरात्रि  पर हल्दी का प्रयोग भी शिवलिंग पर नहीं करना चाहिए।

शंख और फूल 
शिवपूजा में शंख का उपयोग भी वर्जित माना गया है। पुराणों के अनुसार, शिवजी ने शंखचूड़ नामक दैत्य का वध किया था, जिससे शंख से जुड़ी अशुभ मान्यता बनी। फूलों में केवल बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करना शुभ होता है, जबकि केतकी, कनेर और लाल रंग के फूल शिवलिंग पर नहीं चढ़ाए जाते।

सही सामग्री से करें पूजा 
महाशिवरात्रि पर सही सामग्री से और श्रद्धा के साथ पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और शांति बनी रहती है। इसलिए पूजा करते समय धार्मिक नियमों और मान्यताओं का पालन करना आवश्यक है, ताकि भगवान शिव की कृपा हमेशा बनी रहे और भक्तों को फल की प्राप्ति हो।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0