करुणामूलक संघ ने आरएस बाली का जताया आभार, 1200 केस मंजूर
कांगड़ा में करुणामूलक आश्रितों ने आरएस बाली का आभार जताया। संघ के अनुसार 1200 केस मंजूर हुए, अब रिकंसीडर मामलों में भी राहत की मांग उठी।
सुमन महाशा। कांगड़ा
प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए करुणामूलक आश्रितों ने कांगड़ा पहुंचकर आरएस बाली का आभार जताया। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि आय सीमा में बदलाव के बाद करीब 1200 करुणामूलक परिवारों के मामलों को मंजूरी मिली है और कई विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
संघ ने अब पूर्व में आय सीमा के कारण खारिज हुए मामलों को दोबारा विचार में लेने तथा ऐसे मामलों में भी 3 लाख रुपये की फ्लैट आय सीमा लागू करने की मांग उठाई है।
आय सीमा 2.50 लाख से बढ़ाकर 3 लाख करने का दावा
करुणामूलक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार की अध्यक्षता में प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों आश्रित कांगड़ा पहुंचे। इस दौरान मीडिया प्रभारी गगन कुमार, सचिव गुलशन कुमार और आईटी सेल प्रभारी अभिषेक कुमार सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
संघ के अनुसार प्रदेश सरकार ने करुणामूलक आश्रितों के लिए वार्षिक आय सीमा को 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया है। साथ ही प्रति व्यक्ति 62,500 रुपये की आय सीमा की शर्त को हटाकर 3 लाख रुपये की फ्लैट वार्षिक आय सीमा निर्धारित की गई है।
1200 के करीब परिवारों के केस हुए अप्रूव
प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि आय सीमा में बदलाव के बाद हुई स्क्रीनिंग में करीब 1200 करुणामूलक परिवारों के मामले पात्र पाए गए। ये मामले विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों से संबंधित बताए गए हैं।
संघ के मुताबिक क्लास-सी श्रेणी में नियुक्तियों की प्रक्रिया भी कुछ विभागों में शुरू हो चुकी है। इनमें जल शक्ति विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस, ग्रामीण विकास, गृह सहित अन्य विभाग शामिल हैं।
आरएस बाली के प्रयासों का संघ ने जताया श्रेय
अजय कुमार ने कहा कि करुणामूलक आश्रितों ने कई बार आरएस बाली से कांगड़ा और शिमला स्थित उनके आवास पर मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। संघ का दावा है कि आरएस बाली ने उनकी मांग को विधानसभा में भी उठाया, जिसके बाद सरकार स्तर पर इस विषय में निर्णय लिया गया।
उन्होंने इस राहत का श्रेय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और आरएस बाली को देते हुए दोनों का आभार जताया।
पुराने रिजेक्ट मामलों पर भी उठी मांग
संघ ने बताया कि पूर्व में आय सीमा और प्रति व्यक्ति आय की शर्त के कारण खारिज हुए कुछ मामलों पर अब दोबारा विचार शुरू हुआ है। संगठन की मांग है कि रिकंसीडर किए जा रहे मामलों में भी 3 लाख रुपये की फ्लैट आय सीमा लागू की जाए।
अजय कुमार के अनुसार, यदि इन मामलों में भी यही आय सीमा लागू होती है तो करीब 800 अतिरिक्त करुणामूलक परिवारों को राहत मिलने की संभावना है।
संघ की प्रमुख मांग
करुणामूलक संघ ने सरकार से मांग की है कि:
- रिकंसीडर किए गए पुराने मामलों को जल्द निपटाया जाए।
- इनमें भी 3 लाख रुपये की फ्लैट आय सीमा लागू की जाए।
- पात्र परिवारों की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
- विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए।
निष्कर्ष
करुणामूलक आश्रित लंबे समय से रोजगार और आर्थिक राहत की मांग करते रहे हैं। अब आय सीमा में बदलाव के बाद बड़ी संख्या में मामलों के आगे बढ़ने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में पुराने मामलों पर सरकार का अगला फैसला उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण होगा, जो अभी भी नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0