कबाड़ से बना मल्टी-फ्यूल चूल्हा, कुल्लू में चर्चा
कुल्लू में कबाड़ से बना मल्टी-फ्यूल चूल्हा बना आकर्षण, डीजल-केरोसिन से चलता है, ढाबा संचालकों के लिए सस्ता और उपयोगी विकल्प।
रोज़ाना हिमाचल ब्यूरो। कुल्लू
कुल्लू के अखाड़ा बाजार में राजस्थान के मिस्त्री अशोक कुमार ने कबाड़ से जुगाड़ का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए मल्टी-फ्यूल चूल्हा तैयार किया है, जो इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पुराने गैस सिलेंडर को मॉडिफाई कर उसे ईंधन टैंक में बदला गया है और मजबूत लोहे के फ्रेम व बर्नर जोड़कर ऐसा ढांचा तैयार किया गया है, जिस पर एक साथ दो बड़े बर्तनों में आसानी से खाना बनाया जा सकता है।
इस चूल्हे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एलपीजी गैस के बजाय डीजल और मिट्टी के तेल (कैरोसिन) से चलता है, जिससे महंगी गैस का खर्च काफी हद तक कम हो सकता है। भारी और मजबूत संरचना होने के कारण यह बड़े बर्तनों का वजन भी आसानी से सहन कर लेता है।
यह जुगाड़ तकनीक खासकर ढाबा संचालकों और बड़े स्तर पर खाना बनाने वालों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है, जहां गैस का मासिक खर्च ज्यादा होता है। कम लागत और बेहतर उपयोगिता के चलते यह चूल्हा व्यावसायिक उपयोग के लिए एक आकर्षक विकल्प बनकर उभर रहा है, जिसे देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ लगातार उमड़ रही है।
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