जातिसूचक नाम पर बवाल, बदलने की उठी मांग
बिलासपुर की कौड़ावाली पंचायत में वार्ड और गांव के जातिसूचक नाम पर विवाद, ग्रामीणों ने प्रशासन से नाम बदलने की मांग उठाई।
रोज़ाना हिमाचल ब्यूरो। बिलासपुर
श्री नयना देवी जी क्षेत्र के स्वारघाट विकास खंड की ग्राम पंचायत कौड़ावाली में एक वार्ड और राजस्व गांव के नाम को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों और समाजसेवियों ने आरोप लगाया है कि वार्ड नंबर पांच और एक रेवेन्यू गांव आज भी सरकारी रिकॉर्ड में पुराने और कथित रूप से जातिसूचक नामों से दर्ज हैं, जो सामाजिक समानता के खिलाफ है।
समाजसेवी नरवीर ठाकुर ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी ऐसे नामों का बने रहना प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सम्मान और समानता के सिद्धांतों के विपरीत है और इसे जल्द बदला जाना चाहिए।
ग्रामीणों के अनुसार यह मामला लंबे समय से उठता रहा है, लेकिन अब तक न जनप्रतिनिधियों और न ही प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं। पंचायत, विधानसभा और संसदीय स्तर पर प्रतिनिधित्व के बावजूद नाम अब भी रिकॉर्ड में यथावत हैं।
उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर पांच के साथ एक राजस्व गांव का नाम भी आपत्तिजनक माना जा रहा है, जो आधुनिक सामाजिक सोच के अनुरूप नहीं है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उपमंडल अधिकारी से मांग की है कि राजस्व अभिलेखों की समीक्षा कर सम्मानजनक और सर्वमान्य नाम रखा जाए।
लोगों का कहना है कि नाम परिवर्तन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सामाजिक समानता की दिशा में जरूरी कदम है।
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