बेंगलुरु में हिमाचली संगम 2026, 1500 लोगों ने लिया हिस्सा

बेंगलुरु में हिमाचली संगम 2026 में करीब 1500 लोगों ने भाग लिया। हिमाचली नाटी, पारंपरिक धाम और एसी भारद्वाज की गायकी ने हिमाचली संस्कृति की छटा बिखेरी।

Oct 27, 2026 - 10:00
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बेंगलुरु में हिमाचली संगम 2026, 1500 लोगों ने लिया हिस्सा
बेंगलुरु में हिमाचली संगम 2026, 1500 लोगों ने लिया हिस्सा

अनुराग धीमान। बेंगलुरु
हिमाचल प्रदेश से दूर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हिमाचली संस्कृति और परंपराओं का रंग देखने को मिला। हिमाचल कर्नाटक कल्याण संघ (HKKS), जिसे
Himachali in Bangalore (HiB) के नाम से भी जाना जाता है, ने 25 अक्टूबर को हिमाचली संगम 2026 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में करीब 1,500 लोगों ने भाग लिया और हिमाचली संस्कृति के साथ अपने जुड़ाव का उत्सव मनाया।

हिमाचली नाटी, पारंपरिक पहाड़ी नृत्य, फैशन शो, हिमाचली धाम और लोकगायक एसी भारद्वाज की प्रस्तुतियां समारोह के मुख्य आकर्षण रहीं।

हिमाचली संस्कृति और परंपराओं की दिखी झलक

हिमाचली संगम 2026 का उद्देश्य बेंगलुरु में रहने वाले हिमाचलियों को अपनी जड़ों, संस्कृति और समुदाय से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने हिमाचल की समृद्ध विरासत को मंच पर उतारा।

पारंपरिक हिमाचली धाम ने भी समारोह में खास आकर्षण पैदा किया। आयोजन में शामिल परिवारों और प्रतिभागियों को अपनी संस्कृति से जुड़ने और एक-दूसरे के साथ समय बिताने का अवसर मिला।

एसी भारद्वाज की गायकी ने बांधा समां

समारोह को खास बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध गायक एसी भारद्वाज को आमंत्रित किया गया था। उनकी गायकी और सुरीली प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मनोरंजन किया। उनके गीतों पर लोग झूमते नजर आए और कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना रहा।

हिमाचली संगीत और लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बनाने में अहम भूमिका निभाई।

हैदराबाद के हिमाचलियों ने भी लिया हिस्सा

इस बार हिमाचली संगम का दायरा बेंगलुरु तक सीमित नहीं रहा। आयोजकों ने अपने सहयोगी समुदाय Himachali in Hyderabad (HIH) के सदस्यों को भी आमंत्रित किया।

हैदराबाद से आए हिमाचली परिवारों की भागीदारी ने इस आयोजन को और व्यापक बनाया। बेंगलुरु और हैदराबाद में रहने वाले हिमाचलियों का यह मिलन अपनी संस्कृति, भाषा, परंपराओं और आपसी भाईचारे से जुड़े रहने का संदेश देता नजर आया।

हिमाचली समुदाय की एकता का प्रतीक बना संगम

हिमाचली संगम 2026 केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह अपनी जड़ों से जुड़े रहने और अगली पीढ़ी तक प्रदेश की परंपराओं को पहुंचाने का प्रयास भी रहा।

दूसरे राज्यों में रहने वाले हिमाचलियों के लिए ऐसे आयोजन अपनी मातृभूमि की यादों को साझा करने, नए संबंध बनाने और समुदाय के बीच सहयोग मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं।

HKKS की टीम ने जताया आभार

हिमाचल कर्नाटक कल्याण संघ की टीम ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी परिवारों, प्रतिभागियों और समर्थकों का आभार व्यक्त किया।

आयोजन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी हैं:

  • दिनेश राणा — अध्यक्ष

  • सनी शर्मा — सचिव

  • अश्विन शर्मा — कोषाध्यक्ष

  • अनुराग धीमान — उपाध्यक्ष

  • विनीत भारद्वाज — मार्केटिंग प्रमुख

  • आशीष कालिया — खेल प्रमुख

  • दीपक चौहान — तकनीकी प्रमुख

  • मंदीप सिंह — सांस्कृतिक प्रमुख

संघ की टीम के अनुसार, समुदाय का प्यार, सहयोग और एकजुटता ही हिमाचली संगम की सबसे बड़ी ताकत है।

प्रायोजकों के सहयोग के लिए जताया धन्यवाद

आयोजकों ने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले प्रायोजकों House of Colours, Titan SBI Card और Trek n Trails का भी आभार व्यक्त किया। संघ के अनुसार, प्रायोजकों के सहयोग ने सांस्कृतिक आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दूरी से परे अपनी मिट्टी से जुड़ाव

हिमाचली संगम 2026 ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि अपने प्रदेश से दूर रहने के बावजूद संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव कायम रखा जा सकता है। करीब 1,500 लोगों की भागीदारी और हैदराबाद के हिमाचली समुदाय की मौजूदगी ने इस आयोजन को खास बनाया।

बेंगलुरु में सजे इस सांस्कृतिक मंच के जरिए हिमाचली समुदाय ने अपनी विरासत, आपसी भाईचारे और सामूहिक पहचान का उत्सव मनाया।

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