कुप्रबंधन से आर्थिकी तबाह : जयराम

जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर कुप्रबंधन और आर्थिकी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। मेडिकल डिवाइस पार्क और स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल।

Feb 15, 2026 - 20:27
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कुप्रबंधन से आर्थिकी तबाह : जयराम

​शिमला।  पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि राज्य की आर्थिकी सुधारने वाले महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को सरकार ने अपनी ज़िद, भ्रष्टाचार की संभावनाएँ तलाशने की प्रवृत्ति और घोर कुप्रबंधन से बदहाल कर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि यह तथाकथित "व्यवस्था परिवर्तन" वाली मित्रों की सरकार नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे प्रोजेक्ट को समय से पूरा करती, तो यह हिमाचल प्रदेश के लिए एक "गेम चेंजर" साबित होता, लेकिन सुक्खू सरकार ने अपनी राजनैतिक दुर्भावना के चलते प्रदेश के हितों की बलि चढ़ा दी है।

जयराम ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि नालागढ़ के अलावा देश के तीन अन्य राज्यों में ऐसे पार्क प्रगति पर है। यमुना एक्सप्रेस-वे (उत्तर प्रदेश) में कंपनियों को प्लॉट आवंटित हो चुके हैं, उज्जैन (मध्य प्रदेश) में उन्नत तकनीक वाली कंपनियाँ निवेश कर रही हैं और कांचीपुरम (तमिलनाडु) वेंटिलेटर व पेसमेकर जैसे उपकरणों को बनाने वाली कंपनियों के निवेश की संभावनाएं बनाकर देश को चिकित्सा उपकरण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे कदम बढ़ा रहा है, जबकि हिमाचल में हमारी पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद हासिल किया गया यह प्रोजेक्ट आज सरकार की हठधर्मिता के कारण दम तोड़ रहा है।

 केंद्र की मोदी सरकार ने इसके लिए 30 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी भी की थी, जिसे सुक्खू सरकार ने लौटा दिया और अब मार्च 2025 का लक्ष्य रखने के बावजूद ज़मीनी हालत "ढाक के तीन पात" जैसी है, जिससे 10 हजार करोड़ का निवेश और 15 हजार प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर अधर में लटक गए हैं।

​नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि "मित्रों के सुख की सरकार" में जनता का सुख पूरी तरह छिन चुका है और जिस 'हिमकेयर' योजना ने प्रदेश के लाखों लोगों को बीमारी से लड़ने का हौसला और मुफ्त इलाज का अधिकार दिया था, उसे यह सरकार साजिश के तहत खत्म करने पर तुली है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में हिमकेयर के 400 करोड़ रुपये, आयुष्मान भारत के 250 करोड़ रुपये और सहारा योजना के 120 करोड़ रुपये की देनदारियां लंबित होने के कारण सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज ठप हो गया है।  वेंडरों ने बकाया भुगतान न मिलने पर सर्जिकल सामान और दवाइयों की आपूर्ति रोक दी है, जिससे गरीब मरीजों के ऑपरेशन टल रहे हैं और कैंसर जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को हजारों रुपये के इंजेक्शन व दवाइयाँ बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि यह कितनी विडंबना है कि एक तरफ सरकार भुगतान करने में असमर्थ है और दूसरी तरफ आईजीएमसी जैसे प्रमुख अस्पतालों में स्पेशल वार्ड, एमआरआई और पेट स्कैन के दाम बढ़ाकर जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है, यहाँ तक कि धर्मशाला जैसे अस्पतालों में पर्ची और टेस्ट शुल्क तक बढ़ा दिए गए हैं। उन्होंने हमीरपुर मेडिकल कॉलेज का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अल्ट्रासाउंड मशीनें हफ्तों से खराब पड़ी हैं, जिससे गर्भवती महिलाओं और गरीब मरीजों को निजी लैब्स में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जो सरकार की संवेदनहीनता का जीता-जागता प्रमाण है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा जनता के स्वास्थ्य अधिकारों के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और यदि सरकार ने तुरंत लंबित भुगतान जारी कर इन जनहितैषी योजनाओं को सुचारू रूप से नहीं चलाया, तो कांग्रेस सरकार को जनता के भारी आक्रोश का जवाब देना होगा।

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