केंद्रीय बजट 'आत्मनिर्भर भारत' का सबसे मजबूत स्तंभ : विजय अग्निहोत्री
नादौन में विजय अग्निहोत्री ने केंद्रीय बजट को ऐतिहासिक बताया। 12.2 लाख करोड़ पूंजीगत व्यय से विकास तेज होने और हिमाचल को बड़ी मदद का दावा।
नादौन । हिमाचल प्रदेश के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता विजय अग्निहोत्री ने नादौन में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय बजट को 'विकसित भारत' के संकल्प की सिद्धि और 'आत्मनिर्भर भारत' का सबसे मजबूत आधार स्तंभ बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्व की सराहना करते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि आज देश का आर्थिक ढांचा पूरी तरह से परिवर्तित हो चुका है और भारत अब पुरानी 'सब्सिडी-आधारित' अर्थव्यवस्था के दौर को पीछे छोड़कर 'निवेश-आधारित' विकास के स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने विकास की वह ऊंचाइयां छुई हैं जिनकी पहले कल्पना करना भी असंभव था, जिसका सबसे ठोस प्रमाण देश के कुल पूंजीगत व्यय में हुई 516 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए कर हस्तांतरण के रूप में 13,949 करोड़ रुपये और अनुदान सहायता के तहत 10,243 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है, इसके अतिरिक्त राज्य को 8,309 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण भी दिया गया है जो केंद्र की हिमाचल के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र की 90:10 फंडिंग वाली करीब 200 योजनाएं ही वर्तमान में हिमाचल के विकास की असली रीढ़ हैं, जिनमें अटल टनल, एम्स बिलासपुर और उड़ान योजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
उन्होंने राजस्व घाटा अनुदान के मुद्दे पर प्रदेश सरकार को आंकड़ों के साथ घेरा और बताया कि जहाँ मनमोहन सिंह की सरकार के 10 वर्षों में हिमाचल को मात्र ₹18,091 करोड़ की आरडी जी मिली थी, वहीं मोदी सरकार ने इसे चार गुना से भी अधिक बढ़ाकर ₹77,823 करोड़ तक पहुँचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सुक्खू सरकार 16वें वित्त आयोग के सामने राज्य का पक्ष प्रभावी ढंग से रखने में विफल रही है और अब अपनी प्रशासनिक कमियों को छिपाने के लिए केंद्र पर दोषारोपण कर रही है, जबकि कर्नाटक जैसी कांग्रेस शासित सरकारों ने ही स्वयं आरडीजी का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि कुल 17 प्रदेशों की आरजीडी बंद की गई है जिसके बारे वित्त आयोग ने पहले ही आगाह कर दिया था और तर्क दिया था कि यह देश हित में नहीं है।
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