हमीरपुर में KVK का सब्जी नर्सरी प्रशिक्षण, 27 युवा हुए तैयार

हमीरपुर के केवीके धनपुर नादौन ने आर्या परियोजना के तहत चकमोह में पांच दिवसीय सब्जी नर्सरी प्रशिक्षण आयोजित किया, जिसमें 27 युवा किसानों ने हिस्सा लिया।

Nov 29, 2025 - 20:23
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हमीरपुर में KVK का सब्जी नर्सरी प्रशिक्षण, 27 युवा हुए तैयार

ब्यूरो रिपोर्ट। नादौन।
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) हमीरपुर स्थित धनपुर नादौन द्वारा चकमोह गांव में पांच दिवसीय सब्जी नर्सरी प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण 28 नवंबर तक चला और इसमें 27 युवा किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को सब्जी पौध उत्पादन में उद्यमिता की दिशा में प्रोत्साहित करना था, ताकि उनकी कृषि आय में स्थायी बढ़ोतरी हो सके।


नर्सरी प्रबंधन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निम्न विषयों पर जानकारी दी गई—

  • विभिन्न सब्जी फसलों की वर्ष भर नर्सरी उगाव का सही समय

  • आधुनिक नर्सरी प्रबंधन तकनीकें

  • स्थल चयन एवं उन्नत बुआई विधियां

  • एकीकृत पौध संरक्षण एवं पोषण प्रबंधन

  • लागत कम करके उच्च गुणवत्ता वाली पौध तैयार करने की विधियां

इस व्यावहारिक प्रशिक्षण से किसान बेहतर पौध उत्पादन कर स्थानीय बाजारों में स्थायी आय अर्जित कर सकेंगे।


विशेषज्ञों ने बांटी तकनीकी जानकारी

  • डॉ. विशाल डोगरा और डॉ. चमन लाल चौहान ने सैद्धांतिक व व्यावहारिक पौध उत्पादन तकनीकें सिखाईं।

  • डॉ. छवि ने पौध संरक्षण और कीट प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया।

  • डॉ. नवनीत जरियाल ने मृदा एवं पोषण प्रबंधन पर जानकारी प्रदान की।

सभी प्रतिभागियों को सब्जी बीज किट भी वितरित की गई ताकि वे सीखी गई तकनीकों को तुरंत अपनी खेतों में लागू कर सकें।


स्थानीय संगठनों का सहयोग

कार्यक्रम को चकमोह ग्राम पंचायत और हिम्मोथान सोसाइटी का मजबूत सहयोग मिला। दोनों संस्थाओं ने प्रशिक्षण के आयोजन और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


एग्रीबिजनेस मॉडल को बढ़ावा

KVK हमीरपुर ग्रामीण युवाओं को विस्तार योग्य एग्रीबिजनेस मॉडल उपलब्ध कराने के लिए सतत प्रयासरत है।
वर्तमान में केंद्र द्वारा—

  • सब्जी पौध उत्पादन

  • मशरूम उत्पादन

  • फल-सब्जी मूल्य संवर्धन
    जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

KVK ने इच्छुक किसानों से आगे आकर प्रशिक्षण लेने और उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।


निष्कर्ष

चकमोह में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ रहा है, बल्कि आत्मनिर्भरता और एग्रीबिजनेस की नई राह भी खोल रहा है। ऐसे प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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