राष्ट्रगान के दौरान नारेबाजी पर देवेंद्र जग्गी ने भाजपा पर साधा निशाना
धर्मशाला के पूर्व मेयर देवेंद्र सिंह जग्गी ने विधानसभा में राष्ट्रगान के दौरान भाजपा विधायकों द्वारा नारेबाजी किए जाने को संविधान, राष्ट्रीय प्रतीकों और सदन की गरिमा के खिलाफ बताया है।
संजीव भारद्वाज । धर्मशाला
धर्मशाला के पूर्व मेयर देवेंद्र सिंह जग्गी ने विधानसभा में राष्ट्रगान के दौरान भाजपा विधायकों द्वारा नारेबाजी किए जाने को संविधान, राष्ट्रीय प्रतीकों और सदन की गरिमा के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत देश की आन, बान और शान के प्रतीक हैं और इनका सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।
जग्गी ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के अवसर पर राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाने की परंपरा है, जबकि कार्यवाही के अंतिम दिन राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ समापन किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसी तरह की परंपरा संसद में भी निभाई जाती है।
पूर्व मेयर ने कहा कि यदि किसी विधायक को राष्ट्रीय गीत या सदन की प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति थी तो वह इसे संसदीय प्रक्रिया के तहत उठा सकता था। लेकिन राष्ट्रगान के दौरान नारेबाजी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का है।
जग्गी ने विधानसभा अध्यक्ष के उस स्पष्टीकरण का भी उल्लेख किया, जिसमें राष्ट्रीय गीत सदन की समाप्ति के अवसर पर गाए जाने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद हंगामा और वॉकआउट करना सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह महंगाई, बेरोजगारी और आम जनता से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भावनात्मक विवाद खड़े कर रही है। जग्गी ने भाजपा विधायकों से अपने आचरण पर विचार करने और राष्ट्रगान के दौरान हुई नारेबाजी के लिए प्रदेश व देश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन संविधान, विधानसभा और राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
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