बनेर खड्ड में प्रवाहित की गई माता बज्रेश्वरी देवी को चढ़ाई गई मिंजर
माता श्री बज्रेश्वरी देवी के दरबार से बनेर खड्ड बाणगंगा में भव्य शोभा यात्रा के साथ मिंजर विसर्जन किया गया।
सुमन महाशा। कांगड़ा
माता श्री बज्रेश्वरी देवी के दरबार से बनेर खड्ड बाणगंगा में भव्य शोभा यात्रा के साथ मिंजर विसर्जन किया गया। शोभा यात्रा के दौरान एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा, एपीएमसी अध्यक्ष निशु मोंगरा, एसडीएम कांगड़ा डॉ अंजलि गर्ग, तहसीलदार कांगड़ा प्रकाश चंद, ट्रस्ट सदस्य अशोक हिमाचली, उमाकांत, इशांत चौधरी, विजय सहगल सहित अन्य ट्रस्ट सदस्य मंदिर के वरिष्ठ पुजारी मौजूद रहे।
माता श्री बज्रेश्वरी देवी की भव्य पिंडी पर पीली डोरी से सुशोभित मिंजर पिछले मंगलवार को पूरे रीति-रिवाज के साथ बांधी गई थी। वर्षों पुरानी इस परंपरा का निर्वहन करते हुए आज एक सप्ताह बाद माता को बांधी गई मिंजर कांगड़ा के साथ लगती बनेर खड्ड में प्रवाहित कर दिया गया। ढोल नगाड़ों व विशेष पूजा अर्चना के बाद माता को चढ़ाई गई पीली डोरी से सुशोभित मिंजर को एक पालकी में सजाकर कांगड़ा से मुख्य बाजारों से होते हुए बनेर खड्ड पहुंची जहां पर यह विधि-विधान द्वारा बनेर खड्ड में प्रवाहित कर दी गई। मिंजर को सायं माता बज्रेश्वरी देवी मंदिर से पालकी में रखकर शोभायात्रा के साथ बनेर खड्ड पर लाया गया।
यह शोभायात्रा माता मंदिर से शुरू हुई और नेहरू चौक, मेन बाजार, तहसील चौक, गुप्त गंगा से होती हुई बनेर खड्ड पहुंची। सावन के महीने के पहले मंगलवार को माता की पिंडी पर गोटे की मिंजर बांधी जाती है, जो कि इंद्रदेव को समर्पित होती है, ताकि बरसात से इलाके में कोई नुकसान न हो। वैसे तो मिंजर बांधने की परंपरा के अलग अलग रीति-रिवाज व धारणाएं है ।
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