सुंदरनगर के पहलवान जितेंद्र चौहान को बड़ा सम्मान
सुंदरनगर के अंतर्राष्ट्रीय पहलवान जितेंद्र चौहान को नई दिल्ली में अनसंग एथलीट ऑफ द ईयर 2026 सम्मान मिला। 23 साल के करियर में पहली बार राष्ट्रीय सम्मान।
सुंदरनगर से रोहित कौशल की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के अंतर्राष्ट्रीय पहलवान जितेंद्र चौहान को खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। उन्हें ‘अनसंग एथलीट ऑफ द ईयर 2026’ पुरस्कार से नवाजा गया।
22 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम, प्रगति मैदान में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान कुश्ती, वुशु और अंतर्राष्ट्रीय ग्रैपलिंग प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन के लिए प्रदान किया गया।
23 साल के खेल करियर में पहली बार राष्ट्रीय सम्मान
जितेंद्र चौहान वर्ष 2003 से खेलों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने मिट्टी के अखाड़े से कुश्ती का सफर शुरू किया और लगातार मेहनत व अभ्यास के दम पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई।
अपने 23 वर्ष के खेल करियर में उन्होंने विश्व, एशिया और राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिमाचल प्रदेश और भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई पदक हासिल किए हैं।
सबसे खास बात यह है कि इतने लंबे खेल सफर में यह पहली बार है, जब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर किसी सम्मान से नवाजा गया है।
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में किया शानदार प्रदर्शन
जितेंद्र चौहान को यह पुरस्कार राष्ट्रीय कुश्ती एवं वुशु प्रतियोगिताओं के साथ-साथ एशियाई ग्रैपलिंग प्रतियोगिता में हिमाचल और देश के लिए पदक जीतने की उपलब्धियों के लिए दिया गया।
उनकी उपलब्धियां यह बताती हैं कि सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर निरंतर मेहनत और समर्पण के साथ राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा।
सम्मान के बाद जताया आभार
राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर जितेंद्र चौहान ने भारतीय ग्रैपलिंग संघ के अध्यक्ष डॉ. सिकंदर कुमार, अध्यक्ष ओम प्रकाश नरवाल (आईजी, हरियाणा पुलिस), महासचिव सुबोध कुमार यादव और भारतीय ग्रैपलिंग के संस्थापक शिव कुमार पांचाल का आभार जताया।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश एमेच्योर ग्रैपलिंग संघ के अध्यक्ष संजय कुमार, अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय, अपने स्टाफ और उन सभी दोस्तों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके खेल सफर में जरूरत के समय उनका साथ दिया।
सम्मान ने बढ़ाई आगे बेहतर करने की प्रेरणा
जितेंद्र चौहान ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए बेहद गौरव का विषय है। उन्होंने आईएमगेम के संस्थापक करन छेत्री का विशेष रूप से धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान उन्हें भविष्य में हिमाचल प्रदेश और भारत के लिए और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देगा।
जितेंद्र चौहान के सफर की खास बातें
- वर्ष 2003 से खेलों में सक्रिय
- मिट्टी के अखाड़े से शुरू किया कुश्ती का सफर
- 23 वर्षों का खेल अनुभव
- राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक
- एशियाई ग्रैपलिंग प्रतियोगिता में भारत और हिमाचल का प्रतिनिधित्व
- पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान
- ‘अनसंग एथलीट ऑफ द ईयर 2026’ पुरस्कार से सम्मानित
निष्कर्ष:
सुंदरनगर के जितेंद्र चौहान की कहानी उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो बिना बड़े मंच और संसाधनों के अपने खेल सफर की शुरुआत करते हैं। 23 वर्षों की मेहनत के बाद मिला यह राष्ट्रीय सम्मान न सिर्फ उनके लिए, बल्कि हिमाचल के खेल जगत के लिए भी गौरव का पल है।
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