जीएवी कांगड़ा के छात्रों ने खेत में की धान की रोपाई, सीखे खेती के गुर
जीएवी पब्लिक स्कूल कांगड़ा के कक्षा 8 के विद्यार्थियों ने ज़मानाबाद में कृषि भ्रमण के दौरान धान की रोपाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया और खेती के महत्व को करीब से समझा।
सुमन महाशा। कांगड़ा
पुस्तकों से बाहर निकलकर जब विद्यार्थी खेतों तक पहुंचे तो उन्हें खेती की असली दुनिया को करीब से जानने का अवसर मिला। जीएवी पब्लिक स्कूल, कांगड़ा के कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के तहत ज़मानाबाद स्थित कृषि क्षेत्र का शैक्षणिक भ्रमण किया, जहां उन्होंने धान की रोपाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
खेत में उतरकर सीखी धान की रोपाई
विद्यालय से लगभग चार किलोमीटर दूर आयोजित इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने खेत में स्वयं उतरकर धान की पौध रोपी। अनुभवी किसानों के मार्गदर्शन में उन्होंने खेती के विभिन्न चरणों को समझा और कृषि कार्यों का प्रत्यक्ष अनुभव हासिल किया।
खेती के वैज्ञानिक और पारंपरिक पहलुओं की मिली जानकारी
भ्रमण के दौरान शिक्षक अजय और सुरिंदर सैनी ने विद्यार्थियों को—
- खेत की तैयारी की प्रक्रिया,
- धान की पौध की सही रोपाई,
- जल प्रबंधन के तरीके,
- फसल की देखभाल एवं संरक्षण
जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने किसानों से संवाद कर खेती की चुनौतियों और आधुनिक कृषि पद्धतियों के बारे में भी जाना।
प्रधानाचार्य ने बताया भ्रमण का उद्देश्य
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सुरेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ऐसे कृषि भ्रमण विद्यार्थियों में—
- श्रम के प्रति सम्मान,
- किसानों के योगदान की समझ,
- कृषि के महत्व के प्रति जागरूकता,
- और प्रकृति से जुड़ाव
विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यार्थियों के लिए यादगार रहा अनुभव
इस भ्रमण ने विद्यार्थियों को खेती-किसानी की वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर दिया। विद्यालय प्रबंधन ने इसे सीखने और अनुभव प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
निष्कर्ष
जीएवी पब्लिक स्कूल का यह कृषि भ्रमण विद्यार्थियों के लिए केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि खेती, श्रम और प्रकृति के महत्व को समझने का प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ।
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