वर्दी-किताबों पर नहीं चलेगी मनमानी, निजी स्कूलों को सख्त चेतावनी
हिमाचल में निजी स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा विभाग सख्त। किताबें और वर्दी तय दुकान से खरीदने पर रोक, नियम तोड़े तो स्कूलों का NOC रद्द होगा।
शिमला | हिमाचल प्रदेश के सभी निजी स्कूलों में किताबों-कापियों और वर्दी खरीद को लेकर होने वाली मनमानी को रोकने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। निजी स्कूलों में अकसर बच्चों के अभिभावकों को स्कूली बच्चों के किताबें और कापियों सहित वर्दी खरीद को लेकर किसी एक ही दुकान से खरीदने को लेकर दबाब बनाया जाता है ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग को मिली शिकायतों के आधार पर अब स्कूल शिक्षा विभाग ने निजी शिक्षण संस्थान अधिनियम 1997 में निहित प्रावधानों के अनुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
शिक्षा विभाग ने सभी सकेंडरी और प्रारंभिक उपनिदेशकों सहित स्कूलों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को पीटीए के माध्यम से प्रत्येक वर्ष शैक्षणिक सत्र आरंभ होने से पूर्व अभिभावकों का जर्नल हाउस आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं जिसमें इस विषय को गंभीरता के साथ रखने की अपील की है।
अनापत्ति प्रमाण पत्र होंगे रद्द
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों की मनमानी को रोकने के लिए नोटिस बोर्ड और बेवसाइट पर जर्नलहाउस के निर्णय को प्रदर्शित किया जाए। इस संबंध में न तो स्कूल स्वयं किताबें बेच सकते हैं और न ही किसी स्पेशल दुकान से अभिभावकों को किताबें और कापियों सहित वर्दी खरीदने को बाध्य कर सकते हैं। शिक्षा निदेशालय ने निर्देश दिए हैं स्कूलों को नियमों की अनुपालना के लिए आदेश जारी किए जाएं। शिक्षा विभाग ने सख्त रूख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी स्कूल नियमों की अवहेलना करता है या उसकी शिकायत विभाग को मिलती है तो ऐसे में स्कूलों का अनापत्ति प्रमाण पत्र रद्द किया जा सकता है।
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