IGMC में पेट कैंसर की बड़ी लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, 6 घंटे की सर्जरी, 90% पेट निकाला
IGMC शिमला में पहली बार लेप्रोस्कोपिक नियर-टोटल गेस्ट्रोक्टॉमी सफल। 44 वर्षीय महिला के पेट का 80-90% हिस्सा 6 घंटे में हटाया, हालत स्थिर।
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। सर्जरी विभाग ने पहली बार पेट के कैंसर के मरीज की पूर्ण रूप से लेप्रोस्कोपिक नियर-टोटल गेस्ट्रोक्टॉमी सफलतापूर्वक की है। आईजीएमसी में बुधवार को सर्जरी विभाग द्वारा कमेटी हॉल में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
प्रेसवार्ता में सर्जिकल गैस्ट्रो एंटरोलॉजी के सहायक प्रोफेसर डा. विपन के शर्मा ने बताया कि यह जटिल सर्जरी दो फरवरी को 44 वर्षीय महिला मरीज पर की गई। करीब पांच-छह घंटे चली इस उन्नत सर्जरी के दौरान मरीज के पेट का लगभग 80-90 प्रतिशत हिस्सा लेप्रोस्कोपिक तकनीक से हटाया गया। पूरी प्रक्रिया शरीर के भीतर अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से की गई और केवल नमूना निकालने के लिए छोटा सा चीरा लगाया गया। मरीज की हालत ऑपरेशन के बाद स्थिर और संतोषजनक है और उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
साथ ही बताया कि सामान्यत यह जटिल सर्जरी अधिकांश सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं होती और केवल चुनिंदा सरकारी संस्थानों तथा दक्षिण भारत के कुछ विशेष केंद्रों में ही की जाती है। यह सर्जरी लगभग एक से डेढ़ लाख रुपए की लागत में की जा रही है। सर्जरी यूनिट-2 के प्रमुख प्रो वेद शर्मा ने बताया कि इस प्रकार की कई जटिल सर्जरियां संस्थान में की जा चुकी हैं और आगे भी की जाती रहेंगी। लैप्रोस्कोपिक सर्जरी मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
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