महिला सशक्तिकरण को नई ताकत! कांगड़ा में SHGs के लिए विशेष प्रशिक्षण, आजीविका और पोषण पर मिला मार्गदर्शन

एचपीसीडीपी (फेज-II) के तहत कांगड़ा में स्वयं सहायता समूहों और विस्तार अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन और पोषण सुधार पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

Jun 5, 2026 - 22:21
 0  18
महिला सशक्तिकरण को नई ताकत! कांगड़ा में SHGs के लिए विशेष प्रशिक्षण, आजीविका और पोषण पर मिला मार्गदर्शन
महिला सशक्तिकरण को नई ताकत! कांगड़ा में SHGs के लिए विशेष प्रशिक्षण, आजीविका और पोषण पर मिला मार्गदर्शन
महिला सशक्तिकरण को नई ताकत! कांगड़ा में SHGs के लिए विशेष प्रशिक्षण, आजीविका और पोषण पर मिला मार्गदर्शन

सुमन महाशा | कांगड़ा

एचपीसीडीपी (फेज-II) की जिला परियोजना प्रबंधन इकाई (डीपीएमयू) पालमपुर द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), कांगड़ा में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के सशक्तिकरण एवं क्षमता निर्माण के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कांगड़ा और चंबा से आए 26 विस्तार अधिकारियों (Extension Officers) तथा 14 स्वयं सहायता समूहों के 42 पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की भूमिका, जिम्मेदारियों तथा ग्रामीण आजीविका संवर्धन में उनके योगदान के प्रति प्रतिभागियों को जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान Pinky Sharma ने स्वयं सहायता समूहों के गठन, संचालन तथा ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने SHGs के वित्तीय प्रबंधन, जिम्मेदारियों और सामुदायिक विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी के विभिन्न पहलुओं को भी समझाया।

प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में Archana Sood ने पोषण सुधार कार्यक्रम (Nutrition Improvement Programme) पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने संतुलित आहार, कुपोषण की रोकथाम तथा परिवारों के पोषण स्तर में सुधार के लिए न्यूट्री किचन गार्डन की महत्ता पर विशेष जोर दिया। प्रतिभागियों को घरों में पोषण वाटिका स्थापित करने तथा स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उत्पादन के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधन इकाई, पालमपुर के विषय वस्तु विशेषज्ञ (SMS) Rajnish Sharma ने स्वयं सहायता समूहों की ग्रामीण आजीविका सृजन, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास में भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि संगठित प्रयासों के माध्यम से SHGs ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान एचपीसीडीपी (फेज-II) के परियोजना निदेशक Dr. Sunil Chauhan का संदेश भी प्रतिभागियों तक पहुंचाया गया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह परियोजना के प्रमुख स्तंभ हैं और इनके माध्यम से महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ टिकाऊ आजीविका के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

उन्होंने प्रतिभागियों से परियोजना की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0