डीएवी कॉलेज कांगड़ा में विद्यार्थियों को दिया युवा शक्ति और जीवन-दर्शन का संदेश
डीएवी कॉलेज कांगड़ा में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. नागेश ठाकुर ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए ‘युवा और युवा शक्ति’ विषय पर प्रेरणादायक व्याख्यान दिया।
सुमन महाशा। कांगड़ा
डीएवी कॉलेज कांगड़ा में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. नागेश ठाकुर ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए ‘युवा और युवा शक्ति’ विषय पर प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। महाविद्यालय पहुंचने पर प्राचार्य डॉ. बलजीत सिंह पटियाल ने उनका स्वागत किया और महाविद्यालय की ओर से उनका अभिनंदन किया।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. बलजीत सिंह पटियाल ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा के साथ-साथ उन्हें जीवन के व्यावहारिक पक्षों और भारतीय जीवन-मूल्यों से परिचित करवाना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अनुभवी शिक्षाविदों एवं विषय विशेषज्ञों के साथ विद्यार्थियों का संवाद उन्हें नई सोच और व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करता है। उन्होंने प्रो. नागेश ठाकुर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन विद्यार्थियों के लिए निश्चित रूप से उपयोगी और प्रेरणादायक रहेगा।
अपने व्याख्यान में प्रो. नागेश ठाकुर ने युवा शक्ति की भूमिका, युवाओं की जिम्मेदारियों तथा जीवन के उद्देश्य पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति होते हैं। युवाओं में मौजूद ऊर्जा, प्रतिभा और रचनात्मक सोच को सकारात्मक दिशा देकर समाज एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
प्रो. नागेश ठाकुर ने विद्यार्थियों को जीवन को सार्थक, संतुलित और उद्देश्यपूर्ण ढंग से जीने के विषय में भी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने भारतीय जीवन-दर्शन की महत्वपूर्ण अवधारणा पुरुषार्थ चतुष्टय—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन की पूर्णता केवल भौतिक उपलब्धियों में नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, जिम्मेदारियों, इच्छाओं और आत्मिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करने में निहित है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, अनुशासन, आत्मविश्वास, अच्छे संस्कार, लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता तथा समय के सदुपयोग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी क्षमताओं और रुचियों को पहचानकर अपने जीवन का स्पष्ट उद्देश्य निर्धारित करना चाहिए तथा निरंतर प्रयास के माध्यम से उसे प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
प्रो. नागेश ठाकुर ने युवाओं को अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव और विचार साझा किए।
कार्यक्रम में शिक्षण स्टाफ से डॉ. अंकिता शर्मा, डॉ. हकीकत, डॉ. नेहा, डॉ. सरवीना, डॉ. मनोज, डॉ. मधुरिका तथा प्रोफेसर साहिल उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त भौतिकी विभाग के विद्यार्थी भी कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने प्रो. नागेश ठाकुर के व्याख्यान को रुचि एवं उत्साह के साथ सुना।
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