कांगड़ा बनेगा वैश्विक विज्ञान का केंद्र! 450 से अधिक शोधकर्ता और वैज्ञानिक जुटेंगे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में
एम.सी.एम. डी.ए.वी. कॉलेज कांगड़ा में 1 से 3 जून 2026 तक ग्रीन एनर्जी, क्वांटम तकनीक, डेटा साइंस और आपदा प्रबंधन पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा। सम्मेलन में 450 से अधिक प्रतिभागी और देश-विदेश के वैज्ञानिक भाग लेंगे
कांगड़ा। सुमन महाशा
एम.सी.एम. डी.ए.वी. कॉलेज कांगड़ा में 1 से 3 जून 2026 तक “ग्रीन एनर्जी एवं डेटा-आधारित क्वांटम युग में आपदा सहनशीलता हेतु बहुविषयक नवाचार” विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में देश-विदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, शिक्षाविद, शोधकर्ता और विशेषज्ञ भाग लेकर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे।
सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. रजनीश ठाकुर ने बताया कि इस आयोजन के लिए अब तक लगभग 450 प्रतिभागियों ने पंजीकरण करवाया है। इनमें हिमाचल प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों के अलावा देशभर के केंद्रीय, राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक, अध्यापक, शोधकर्ता और शिक्षाविद भी शामिल हैं। वहीं कई विदेशी वक्ता भी अपने शोध एवं अनुभव सम्मेलन के दौरान साझा करेंगे।
उन्होंने बताया कि उद्घाटन समारोह में हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, शिमला के प्रबंध निदेशक रामकुमार गौतम (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। जबकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. एन.एस. नेगी की-नोट स्पीकर के रूप में सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
तीन दिवसीय सम्मेलन में ग्रीन एनर्जी, क्वांटम प्रौद्योगिकी, डेटा विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), आपदा प्रबंधन और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र, शोध-पत्र प्रस्तुतियां, विशेषज्ञ व्याख्यान और अकादमिक चर्चाएं आयोजित की जाएंगी। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जिससे बहुविषयक अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा मिल सके।
सम्मेलन के समापन समारोह में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के कुलपति प्रो. महावीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलजीत सिंह पटियाल ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर पर हो रहे नवीन शोध, तकनीकी नवाचारों और वैज्ञानिक उपलब्धियों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के आदान-प्रदान का प्रभावी मंच सिद्ध होगा तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए सहयोग और संभावनाओं के द्वार खोलेगा।
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