स्कूल बंदी और बस सुविधाएं खत्म करने पर बिक्रम ठाकुर ने सरकार को घेरा
धर्मशाला में पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि स्कूल मर्ज और बस सुविधाएं खत्म करने से छात्रों और आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
रोजाना हिमाचल ब्यूरो, धर्मशाला।
पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के फैसले हिमाचल के भविष्य और आम जनता दोनों के साथ अन्याय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार स्कूलों को मर्ज कर और कई स्थानों पर तालाबंदी कर छात्रों का भविष्य दांव पर लगा रही है, वहीं दूसरी ओर बसों में मिलने वाली सुविधाओं और रियायतों को बंद कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल जैसे दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले प्रदेश में शिक्षा और परिवहन दोनों ही जीवनरेखा हैं। पूर्व की सरकारों ने, चाहे वह कांग्रेस रही हो या भाजपा, हमेशा यह प्रयास किया कि दूरदराज के गांवों तक शिक्षा की लौ जल सके। इसी सोच के तहत गांव-गांव में स्कूल खोले गए, छात्रों को बसों में रियायतें दी गईं और प्रदेश की शिक्षा दर बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए गए लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार इन सभी प्रयासों को कमजोर करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि स्कूलों को बंद करना या मर्ज करना केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं बल्कि हजारों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। पहाड़ी क्षेत्रों में बच्चों को पहले ही कई किलोमीटर दूर स्कूल जाना पड़ता है। ऐसे में नजदीकी स्कूल बंद करना और बसों की सुविधाओं को कम करना सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर चोट है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम की स्थिति सरकार ने की बदहाल
ठाकुर ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की स्थिति को सुधारने के बजाय सरकार ने उसे और बदहाल कर दिया है। प्रदेश में कई रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और यात्रियों को पहले से अधिक किराया देकर भी कम सुविधाएं मिल रही हैं। कर्मचारियों को समय पर वेतन और भत्ते न मिलना भी सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने आर्थिक कुप्रबंधन को छिपाने के लिए लगातार जनता पर बोझ डाल रही है। एक तरफ करों और शुल्कों में बढ़ोतरी की जा रही है और दूसरी तरफ जनता को मिलने वाली सुविधाएं छीनी जा रही हैं। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि ऐसा लगता है मानो सरकार प्रदेश को पीछे धकेलने की कसम खाकर सत्ता में आई हो। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य सेवा और विकास होना चाहिए, लेकिन कांग्रेस ने आज राजनीति को मजाक बना दिया है। अपने ऐशो-आराम और आलाकमान को खुश करने की राजनीति के कारण हिमाचल की जनता की कमर तोड़ी जा रही है, जिसे प्रदेश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री से रखी ये मांगें
बिक्रम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की कि सरकार तुरंत स्कूल बंद करने और उन्हें मर्ज करने के फैसले पर पुनर्विचार करे, बस सेवाओं में कटौती और रियायतों को समाप्त करने जैसे निर्णय वापस ले तथा हिमाचल पथ परिवहन निगम को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जनता की समस्याओं को अनदेखा किया तो भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाएगी।
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