राम मंदिर पर बयान से घिरे जगत नेगी, भाजपा ने मांगी माफी
राम मंदिर और मंदिरों में चढ़ावे को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा नेता राकेश जमवाल ने राजस्व मंत्री जगत नेगी को घेरा और सनातन समाज से माफी मांगने की मांग की।
संजीव भारद्वाज। धर्मशाला
अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर और मंदिरों में दिए जाने वाले चढ़ावे को लेकर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के बयान पर हिमाचल की राजनीति गरमा गई है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने मंत्री के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला बताया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की सनातन परंपराओं के प्रति सोच समय-समय पर उनके बयानों में दिखाई देती रही है और राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र को विवादों में घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण है।
राम मंदिर पर सवाल उठाना अनुचित : जमवाल
राकेश जमवाल ने कहा कि यदि किसी मामले में कोई शिकायत या तथ्य सामने आते हैं तो उनकी जांच के लिए देश की कानूनी और संवैधानिक संस्थाएं सक्षम हैं। लेकिन बिना किसी निष्कर्ष के श्रीराम मंदिर और उससे जुड़े लोगों पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सांस्कृतिक चेतना और लंबे संघर्ष का प्रतीक है।
दान को लेकर दिए गए बयान पर भी उठाए सवाल
भाजपा नेता ने कहा कि जगत नेगी द्वारा लोगों को मंदिरों में दान देने के बजाय अस्पतालों और स्कूलों को दान देने की सलाह देना कांग्रेस की सोच को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान देना निश्चित रूप से सराहनीय है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण अस्पताल और शिक्षण संस्थान उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है।
जमवाल ने पूछे ये सवाल
- क्या सरकार अपनी जिम्मेदारियों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है?
- मंत्री स्वयं बताएं कि उन्होंने निजी स्तर पर कितने स्कूलों, अस्पतालों और सामाजिक संस्थाओं को सहयोग दिया है?
- शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां क्या हैं?
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार को घेरा
राकेश जमवाल ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय कई संस्थानों को बंद करने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि:
- कई शिक्षण संस्थान बंद किए गए।
- सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा सीमित किया गया।
- कुछ इंटीग्रेटेड कोर्स भी बंद किए जा रहे हैं।
- विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रदेश से बाहर जाना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं को कमजोर या बंद किया गया है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
पुजारियों और सनातन परंपराओं पर टिप्पणी को बताया अपमानजनक
जमवाल ने कहा कि मंदिरों के पुजारियों और धार्मिक संस्थाओं को लेकर की गई टिप्पणियां बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में संत, महंत और धर्माचार्य समाज सेवा, संस्कार निर्माण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ कोई प्रमाण हैं तो उन्हें संबंधित एजेंसियों को सौंपा जाना चाहिए, लेकिन पूरे धार्मिक तंत्र और सनातन समाज को कटघरे में खड़ा करना स्वीकार्य नहीं है।
सार्वजनिक माफी की मांग
भाजपा नेता ने मांग की कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से सनातन समाज से माफी मांगें।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर राजनीति कर सरकार अपनी विफलताओं को नहीं छिपा सकती और प्रदेश की जनता सब देख रही है।
निष्कर्ष
राम मंदिर और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने जहां मंत्री जगत नेगी के बयान को सनातन समाज का अपमान बताया है, वहीं इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
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