मेले समृद्ध सभ्यता और संस्कृति के प्रतीक : अजय वर्मा
कांगड़ा की नंदरूल पंचायत में मेले के दौरान दंगल प्रतियोगिता, अजय वर्मा बोले- मेले भाईचारे और संस्कृति की पहचान हैं।
सुमन महाशा। कांगड़ा
हिमाचल प्रदेश के गांवों में होने वाले स्थानीय मेले आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भावना की अनूठी मिसाल यह उद्गार हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने कांगड़ा की नंदरूल पंचायत के स्थानीय मेले में मुख्य अतिथि बनकर पहुंचने पर कहे। इस दौरान उनके साथ मेला कमेटी प्रधान सोहन लाल, उप प्रधान अमर सिंह, अमित और गुरुवचन सहित समस्त सदस्य मौजूद रहे।
उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने लोगों के बीच बैठकर कुश्ती देखने का भरपूर आनंद लिया संबोधन के दौरान उन्होंने मेला कमेटी को मेले के भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।
उन्होंने कहा समय के साथ-साथ स्थानीय मेलों का स्वरूप और आकार भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मेले हमारी समृद्ध सभ्यता और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक हैं। इन आयोजनों के माध्यम से न केवल आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा मिलता है, बल्कि हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करने में ये अहम भूमिका निभाते हैं।
अजय वर्मा ने कहा कि मेलों और उत्सवों के आयोजनों से अगली पीढ़ी तक हमारी उच्च परमपरायें पहुंचती हैं और इनका ज्ञान भी बढ़ता है। उन्होने कहा कि इन उत्सवों में आयोजित होने वाले आयोजनों में खेलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को अवसर मिलता है। मनोरंजन के साथ-साथ व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी होता है। उन्होंने कहा इन मेलों में बच्चे, जवान और बुजुर्ग एक स्थान पर एक साथ मेले का मनोरंजन लेते हैं जो अपनी संस्कृति को समझने और आगे ले जाने में महत्वपूर्ण है।
दंगल में बड़ी माली सुख के नाम रही जिसे 11000 रूपए इनामी राशि दी गई और छोटी माली गुरदासपुर के रिशु के नाम रही जिसे 4100 इनामी राशि दी गई।
अजय वर्मा ने मेला कमेटी को 11 हजार रुपये दिए और उन्हें हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
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