कांगड़ा का बेटा बनेगा फ्लाइंग ऑफिसर, पहले प्रयास में रचा इतिहास
कांगड़ा के शुभम राणा ने CDS/AFCAT 2025 परीक्षा पहले प्रयास में पास कर भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनने का गौरव हासिल किया है।
सुमन महाशा। कांगड़ा
कड़ी मेहनत, अनुशासन और मजबूत इरादों के दम पर कांगड़ा के युवा शुभम राणा ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जीएवी पब्लिक स्कूल कांगड़ा के पूर्व छात्र शुभम राणा ने CDS/AFCAT 2025 परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनने का गौरव प्राप्त किया है।
इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे कांगड़ा क्षेत्र और विद्यालय परिवार में खुशी और गर्व का माहौल है।
पहले प्रयास में हासिल की बड़ी सफलता
शुभम राणा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जीएवी पब्लिक स्कूल कांगड़ा और माउंट कार्मल स्कूल गग्गल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की।
अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित शुभम ने लगातार मेहनत करते हुए CDS/AFCAT 2025 जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा को पहले ही प्रयास में सफलतापूर्वक पास किया।
परिवार ने जताई खुशी
शुभम के पिता श्री विजय सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार हैं, जबकि माता श्रीमती वंदना राणा गृहिणी हैं।
बेटे की सफलता पर भावुक होते हुए पिता ने कहा,
"शाबाश बेटे, तुमने हमारा नाम रोशन किया है।"
वहीं माता ने भी बेटे की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे परिवार के लिए गर्व का पल बताया।
विद्यालय ने जताया गर्व
जीएवी पब्लिक स्कूल कांगड़ा के प्रधानाचार्य डॉ. सुरेश शर्मा, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने शुभम राणा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रधानाचार्य डॉ. सुरेश शर्मा ने कहा कि शुभम की सफलता इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, लगन और समर्पण से किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
युवाओं के लिए प्रेरणा
शुभम राणा की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है जो भारतीय सेना, वायु सेना और अन्य रक्षा सेवाओं में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
शुभम राणा की उपलब्धि एक नजर में
- CDS/AFCAT 2025 परीक्षा पहले प्रयास में उत्तीर्ण
- भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में चयन
- बीटेक (कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग) डिग्री धारक
- जीएवी पब्लिक स्कूल कांगड़ा के पूर्व छात्र
- कांगड़ा और हिमाचल का नाम किया रोशन
निष्कर्ष
आज जब युवा विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में शुभम राणा की यह सफलता साबित करती है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से किसी भी मंजिल तक पहुंचा जा सकता है। उनकी उपलब्धि पूरे हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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