7.8 तीव्रता के भूकंप का सिमुलेशन, कांगड़ा में 14 उपमंडलों में परखी गई आपदा से निपटने की तैयारी

कांगड़ा जिले में 10वीं राज्य स्तरीय मेगा मॉक एक्सरसाइज के तहत 7.8 तीव्रता के भूकंप, भूस्खलन और आगजनी जैसी आपदाओं का अभ्यास किया गया। उपायुक्त हेमराज बैरवा की देखरेख में सभी 14 उपमंडलों में आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों और विभागीय समन्वय का परीक्षण किया गया।

Jun 15, 2026 - 21:02
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7.8 तीव्रता के भूकंप का सिमुलेशन, कांगड़ा में 14 उपमंडलों में परखी गई आपदा से निपटने की तैयारी
7.8 तीव्रता के भूकंप का सिमुलेशन, कांगड़ा में 14 उपमंडलों में परखी गई आपदा से निपटने की तैयारी
7.8 तीव्रता के भूकंप का सिमुलेशन, कांगड़ा में 14 उपमंडलों में परखी गई आपदा से निपटने की तैयारी

धर्मशाला।

हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित 10वीं राज्य स्तरीय मेगा मॉक एक्सरसाइज का कांगड़ा जिले में सफल आयोजन किया गया। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा के नेतृत्व में जिले के सभी 14 उपमंडलों में एक साथ आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और विभिन्न विभागों के समन्वय का व्यापक परीक्षण किया गया।

अभ्यास के दौरान सुबह 9:14 बजे रिक्टर पैमाने पर 7.8 तीव्रता के भूकंप की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इसके परिणामस्वरूप भवनों के क्षतिग्रस्त होने, लोगों के मलबे में फंसने, भूस्खलन और अन्य आपदा संबंधी परिस्थितियों का सिमुलेशन किया गया।

भूकंप की सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन संचालन केंद्र सक्रिय किया गया और इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम के तहत सभी संबंधित विभागों एवं राहत-बचाव टीमों को तुरंत तैनात किया गया। विभिन्न स्थानों पर खोज एवं बचाव अभियान, चिकित्सा सहायता और राहत कार्यों का सफल संचालन किया गया।

ज्वालाजी मंदिर में 63 श्रद्धालुओं के फंसे होने की काल्पनिक स्थिति में एसएसबी, एनडीआरएफ और एचपीएसडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 25 लोगों को सुरक्षित निकाला तथा घायलों के उपचार के लिए अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित किया।

वहीं धर्मशाला स्थित सर्किट हाउस और आईटीआई शाहपुर भवन के ढहने की स्थिति में फंसे 100 लोगों का सफल रेस्क्यू किया गया। आईटीआई शाहपुर में मलबे में दबे विद्यार्थियों को अग्निशमन विभाग और बचाव दलों द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया।

जोनल अस्पताल धर्मशाला के फार्मेसी भवन के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में स्टेजिंग एरिया स्थापित कर 50 लोगों को सुरक्षित निकालकर चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। वहीं नगरोटा बगवां स्थित आरजीजीईसी में गंभीर घायलों को शीघ्र उपचार उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और एंबुलेंस सेवाओं के सहयोग से विशेष ग्रीन कॉरिडोर का अभ्यास भी किया गया।

सायंकालीन सत्र में भूकंप के बाद आगजनी, भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी परिस्थितियों का अभ्यास किया गया। कोतवाली बाजार रोड और मैक्लोडगंज में भूस्खलन के कारण मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी मशीनों की सहायता से मार्ग बहाल करने का प्रदर्शन किया।

अग्निशमन विभाग, पुलिस, होमगार्ड, एचपीएसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण, प्रभावित लोगों की निकासी और प्राथमिक उपचार संबंधी कार्यों का सफल प्रदर्शन किया।

अभ्यास के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम, अंतर-विभागीय समन्वय और संचार व्यवस्था को प्रभावी पाया गया। साथ ही भविष्य में उपग्रह संचार व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन यातायात मार्गों और संसाधन तैनाती तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने इस सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विभागों, सुरक्षा बलों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

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