कुल्लू अस्पताल में महिला की मौत मामले में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य: जयराम ठाकुर
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में प्रसव के दौरान चिकित्सीय लापरवाही और दुर्व्यवहार के कारण दम तोड़ने वाली रजनी देवी (उर्फ मंजू शर्मा) की मृत्यु का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है।
रोजाना हिमाचल। ब्यूरो
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में प्रसव के दौरान चिकित्सीय लापरवाही और दुर्व्यवहार के कारण दम तोड़ने वाली रजनी देवी (उर्फ मंजू शर्मा) की मृत्यु का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतका के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर स्वयं कुल्लू अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं और पीड़ित परिवार से बातचीत कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस लड़ाई में परिजनों के साथ पूरी मजबूती से खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
अस्पताल पहुंचने से पहले नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर मृतका के पैतृक घर बालीचौकी के सुनारु गए, जहां उन्होंने मंजू शर्मा के पति और अन्य परिजनों से मुलाकात कर उनका ढाढस बंधाया। इसके बाद उन्होंने कुल्लू अस्पताल प्रबंधन के कार्यालय में जाकर मामले से जुड़ी पूरी जानकारी हासिल की और जिला प्रशासन से भी इस कोताही पर जवाब मांगा।
मीडिया से बातचीत करते हुए जयराम ठाकुर ने इस घटना को अत्यंत दुःखद और चौंकाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि सामने आ रहे तथ्यों से स्पष्ट है कि मामले में न केवल इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, बल्कि मरीज और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार व गाली-गलौच भी की गई।
जयराम ठाकुर ने कहा कि जान गंवाने वाली यह बेटी मेरे ही विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखती थी। सिर्फ यही नहीं, बल्कि कई अन्य परिवारों ने भी कुल्लू अस्पताल में दुर्व्यवहार और इलाज में ढिलाई की शिकायतें की हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस तरह की घटनाओं से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर से जनता का विश्वास उठ जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि वे सभी डॉक्टरों या स्टाफ के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जिनके कामकाज और व्यवहार पर गंभीर सवाल उठे हैं, उनके खिलाफ सरकार को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस विषय में आज ही मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव से बात करेंगे और अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगेंगे।
विमल नेगी मौत मामले पर भी सरकार को घेरा
जयराम ठाकुर ने कुल्लू अस्पताल मामले के साथ-साथ विमल नेगी मौत मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने परिजनों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यह मामला जांच के अधीन है, इसलिए ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहता हूँ लेकिन केंद्रीय जांच ब्यूरो की टिप्पणियों के आधार पर प्रदेश सरकार सीधे तौर पर कटघरे में खड़ी है। जांच में सामने आया है कि हिमाचल पुलिस के एक अधिकारी के कार्यालय में सबूत नष्ट करने के लिए योजना बनी और इसके प्रमाण तक सामने आये हैं। फिर भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना सरकार जरूरी नहीं समझ रही है। पहले भी इस सरकार ने जांच प्रभावित करने और सबूत नष्ट करने की कोशिश की है और सरकार अब भी जांच को प्रभावित करने की कोशिश ज़ारी रखे हुए है जिसे उन्हें बंद कर केंद्रीय एजेंसी को स्वतंत्र होकर काम करने देना चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और सच बाहर आ जाए।
इस प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, विधायक सुरेंद्र शौरी, भाजपा जिला अध्यक्ष अमित सूद, नरोत्तम ठाकुर और दानवेंद्र सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि पीड़ित परिवार के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई नहीं होती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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