डीएवी कॉलेज कांगड़ा में एनएसएस शिविर का ऐतिहासिक समापन
डीएवी कॉलेज कांगड़ा में सात दिवसीय एनएसएस शिविर का प्रेरणादायी समापन। सेवा, स्वच्छता, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक जागरूकता का दिया संदेश।
कांगड़ा | सुमन महाशा
कांगड़ा स्थित डीएवी कॉलेज कांगड़ा में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर का समापन रविवार को अत्यंत गरिमामय, अनुशासित और प्रेरणादायी वातावरण में हुआ। शिविर ने “नॉट मी बट यू” के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए युवाओं में समाज और राष्ट्र के प्रति सेवा भावना को मजबूत किया।
सेवा, श्रमदान और जागरूकता का सात दिवसीय अभियान
पूरे शिविर के दौरान स्वयंसेवक छात्र-छात्राओं ने—
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कॉलेज परिसर एवं आसपास स्वच्छता अभियान
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प्लास्टिक मुक्त वातावरण का संदेश
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पर्यावरण संरक्षण व पौधारोपण
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स्वास्थ्य, स्वच्छता और नशा निवारण पर जागरूकता
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महिला सशक्तिकरण और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम
आयोजित कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
योग, ध्यान और व्यक्तित्व विकास पर भी रहा फोकस
शिविर केवल सामाजिक कार्यों तक सीमित नहीं रहा।
विद्यार्थियों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए—
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योग एवं ध्यान सत्र
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व्यक्तित्व विकास कार्यशालाएं
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अनुशासन और नेतृत्व कौशल से जुड़े अभ्यास
भी कराए गए, जिससे छात्रों में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का विकास हुआ।
प्राचार्य डॉ. बलजीत सिंह पटियाल का प्रेरक संदेश
समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज प्राचार्य डॉ. बलजीत सिंह पटियाल ने कहा कि—
एनएसएस शिविर विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर जीवन मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हैं।
उन्होंने स्वयंसेवकों के समर्पण, टीम भावना और अनुशासन की खुलकर सराहना की और कहा कि यही गुण राष्ट्र निर्माण की नींव हैं।
एनएसएस प्रभारी अधिकारियों ने साझा किए अनुभव
एनएसएस यूनिट-1 के प्रभारी डॉ. आशीष मेहता ने शिविर की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि—
स्वयंसेवकों ने समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया, जिससे उनमें संवेदनशीलता और सहानुभूति का विकास हुआ।
वहीं यूनिट-2 की प्रभारी डॉ. यांचन डोलमा ने कहा कि—
यह शिविर छात्रों के लिए व्यावहारिक शिक्षा का सशक्त माध्यम बना, जिसमें उन्होंने टीमवर्क, समय प्रबंधन और नेतृत्व को वास्तविक रूप में सीखा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समापन अवसर पर स्वयंसेवकों ने—
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देशभक्ति
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राष्ट्रीय एकता
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सामाजिक समरसता
पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस शिविर ने उनके सोचने के दृष्टिकोण को बदला और समाज के प्रति जिम्मेदारी को और गहरा किया।
निष्कर्ष
डीएवी कॉलेज कांगड़ा का यह सात दिवसीय एनएसएस शिविर न केवल सेवा गतिविधियों तक सीमित रहा, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना को मजबूत करने वाला एक प्रेरणादायी अध्याय बनकर उभरा। यह शिविर युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हुआ।
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