विदेशी कलाकारों ने उत्सव को दी वैश्विक पहचान
मंडी शिवरात्रि महोत्सव के 500 वर्ष पूरे होने पर अंतरराष्ट्रीय रौनक देखने को मिली। विदेशी कलाकारों और 300 से अधिक देवी-देवताओं ने बढ़ाई भव्यता।
मंडी। छोटी काशी मंडी में महाशिवरात्रि महोत्सव ने अपने 500 वर्षों के गौरवशाली इतिहास को एक नई ऊंचाई दी है। बरसों बाद मंडी की सड़कों और पड्डल मैदान में वह अंतरराष्ट्रीय रौनक लौटी, जिसकी कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। बाबा भूतनाथ की नगरी में जहां सैकड़ों देवी-देवताओं का मिलन हुआ, वहीं सात समंदर पार से आए कलाकारों ने उत्सव को वैश्विक पहचान दी।
महोत्सव के 500 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित हेरिटेज वॉक आकर्षण का केंद्र रही। इसमें मंडी की समृद्ध संस्कृति और वास्तुकला को प्रदर्शित किया गया। इस बार महोत्सव केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि सही मायनों में अंतरराष्ट्रीय रहा। पड्डल मैदान में सजे स्टॉल में अफगानिस्तान और सऊदी अरब के ड्राई फ्रूट्स और अन्य उत्पादों ने लोगों का खूब ध्यान खींचा।
अंतरराष्ट्रीय दलों में अर्जेंटीना, फ्रांस, संयुक्त राज्य अमेरिका, श्रीलंका के दो दल, रूस, अफ्रीका कांटिनेंट, वेनेजुएला, नेपाल, कजाकिस्तान और कंबोडिया के कलाकार शामिल रहे। इन कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कला और वाद्ययंत्रों के माध्यम से वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया, जिसे मंडी के दर्शकों ने खूब सराहा। विशुद्ध रूप से देवी-देवताओं के मिलन के इस महापर्व में इस बार 300 से अधिक देवी-देवताओं ने शिरकत की। एक सप्ताह तक पूरा शहर देव-धुनों और ढोल-नगाड़ों की थाप से गुंजायमान रहा।
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