रोबोटिक सर्जरी के दाम 4 महीने में दोगुने! जयराम ठाकुर ने सरकार से पूछे बड़े सवाल

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने रोबोटिक सर्जरी की फीस बढ़ाने और हिम केयर में शामिल न होने को लेकर हिमाचल सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने चमियाना और आईजीएमसी में अलग-अलग फीस को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा।

Mar 11, 2026 - 20:59
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रोबोटिक सर्जरी के दाम 4 महीने में दोगुने! जयराम ठाकुर ने सरकार से पूछे बड़े सवाल

शिमला।

रोबोटिक सर्जरी की फीस 4 महीने में दोगुनी, हिम केयर में कब होगी शामिल: जयराम ठाकुर

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की बढ़ी हुई फीस को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। शिमला से जारी बयान में उन्होंने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू किए जाने के केवल चार महीनों के भीतर ही इसकी फीस लगभग दोगुनी कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में प्रकाशित जानकारी के अनुसार अटल सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल चमियाना में जनरल वार्ड के मरीजों की रोबोटिक सर्जरी, जो पहले 30 हजार रुपये में होती थी, उसे बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं स्पेशल वार्ड के मरीजों से 80 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि दूसरी ओर आईजीएमसी शिमला में मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि वहां रोबोटिक सर्जरी के लिए जनरल वार्ड के मरीजों से 30 हजार रुपये और स्पेशल वार्ड के मरीजों से 50 हजार रुपये लिए जाएंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि एक ही शहर के दो सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी के लिए अलग-अलग फीस क्यों ली जा रही है।

कंज्यूमेबल्स खत्म होने के बाद क्या होंगे दाम?

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दस्तावेजों के अनुसार हर रोबोटिक सर्जरी मशीन के साथ लगभग 200 सर्जरी के लिए कंज्यूमेबल्स आइटम्स भी खरीदे गए हैं, जिनमें से अधिकांश का इस्तेमाल केवल एक बार ही किया जाता है।

उन्होंने कहा कि जब ये कंज्यूमेबल्स समाप्त हो जाएंगे, तब सर्जरी के लिए नए कंज्यूमेबल्स खरीदने पड़ेंगे। डॉक्टरों के अनुसार इनका खर्च प्रति सर्जरी एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक हो सकता है। ऐसे में मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भविष्य में कंज्यूमेबल्स खत्म होने के बाद भी क्या रोबोटिक सर्जरी की फीस वही रहेगी।

हिम केयर में अब तक शामिल नहीं

जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले घोषणा की थी कि रोबोटिक सर्जरी को हिम केयर योजना के दायरे में लाया जाएगा, लेकिन चार महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी इस संबंध में कोई सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी हिम केयर या आयुष्मान योजना के दायरे में आती है, लेकिन रोबोटिक सर्जरी इन योजनाओं में शामिल न होने के कारण लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

अस्पतालों को नहीं हो रहा भुगतान

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में हिम केयर के तहत न तो लोगों को समुचित इलाज मिल रहा है और न ही समय पर दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि सरकार द्वारा अस्पतालों को दवाइयां और सर्जिकल आइटम उपलब्ध कराने वाले वेंडर्स को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने सरकार से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि आने वाले समय में रोबोटिक सर्जरी के लिए आवश्यक कंज्यूमेबल्स की आपूर्ति और भुगतान के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं।

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