अफगानिस्तान पर पाकिस्तान ने क्यों और कहां-कहां किया हवाई हमला?
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में TTP और IS ठिकानों पर हवाई हमला किया। जानिए हमले की वजह, कहां-कहां हुई बमबारी और बढ़ते तनाव की पूरी कहानी।
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर देररात भीषण हवाई हमला किया। अफगान बॉर्डर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इस्लामिक स्टेट (IS) के ठिकानों को बमबारी करके तबाह किया। इस हमले में अफगानिस्तान के 19 लोगों की मौत भी हुई है। रमजान के महीने में पाकिस्तान के हमले से भड़के अफगानिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी पाकिस्तान को दी है। लेकिन पाकिस्तान और अफगानिस्तान में आखिर ये तनाव क्यों है?
पाकिस्तान ने हमला कहां-कहां किया?
पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में बताया कि शनिवार रात को पाक सेना ने अफगानिस्तान में टारगेट अटैक किए। पक्तिका स्टेट के बरमल और उरगुन जिले में हवाई हमला किया। नंगरहार के खोगयानी, बेहसूद और गनी खेल जिलों में बमबारी की। नंगरहार में हुए हमले में एक घर के 23 लोग मलबे के नीचे दब गए, जिनमें से 19 लोगों की जान चली गई। खुफिया जानकारी के आधार पर 7 आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया।
पाकिस्तान ने एयर स्ट्राइक क्यों की?
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि अफगानिस्तान में एक्टिव तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान आतंकी संगठन सीरिया के आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के साथ मिलकर काम कर रहा है। दोनों आतंकी संगठन मिलकर पाकिस्तान में आतंकी हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान ने कई बार अफगानिस्तान और तालिबान सरकार से खास अपील की कि वे दोनों आतंकी संगठनों को अपनी जमीन का इस्तेमाल न करने दें, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा।
पाकिस्तान ने सीमा पार से हो रहे आतंकी हमलों को रोकने के लिए ही अफगानिस्तान में हमले किए। साल 2025 में इस हिंसक और आत्मघाती हमलों ने दोनों देशों के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है। बीते दिन खैबर पख्तूनख्वा स्टेट के बन्नू जिले में आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा बलों के काफिले में घुसकर खुद को उड़ाया। इस हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल समेत 2 जवान मारे गए। बाजौर इलाके में आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी सुरक्षा चौकी से घुसा दी थी। बाजौर में हुए आत्मघाती हमले में एक बच्चे और 11 सैनिकों की मौत हुई थी। गत 6 फरवरी को इस्लामाबाद के तरलाई कलां इलाके में स्थित खदीजा तुल कुबरा मस्जिद के अंदर आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। इस हमले में 31 लोगों की मौत हुई थी और इस हमले की जिम्मेदारी सीधे-सीधे इस्लामिक स्टेट ने ली थी। खदीजा तुल कुबरा मस्जिद पर 3 महीने में दूसरा बड़ा हमला हुआ था। इन्हीं हमलों का बदला लेने को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हमला किया।
पाकिस्तान में बढ़ती हिंसा के आंकड़े
जिहाद एंड टेररिज्म थ्रेट मॉनिटर के मुताबिक, TTP की एनुअल रिपोर्ट 2025 में दावा किया गया कि 12 महीने के अंदर आतंकी संगठन ने 3573 हमले किए, जिनमें पाकिस्तान के 3481 सुरक्षाकर्मी मारे गए। इधर पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में साल 2024 के मुकाबले ज्यादा लोगों ने आत्मघाती हमलों में जान गंवाई। साल 2025 में 3413 लोगों की जान गई, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 1950 था। PICSS रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में हुए आत्मघाती हमलों में पाकिस्तान के 667 सुरक्षाकर्मी मारे गए। यह संख्या साल 2024 से 26 प्रतिशत ज्यादा है। 2011 के बाद सबसे बड़ा सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 की रिपोर्ट में भी पाकिस्तान को दुनियाभर में आतंकवाद से प्रभावित देशों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर जगह दी गई है। वहीं सबसे ज्यादा हमले खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में हुए, जो अफगानिस्तान की सीमा से सटे हुए हैं।
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