धुम्मू शाह मेले में संस्कृति की झलक, अक्षय सूद बोले– विरासत का संरक्षण जरूरी
धर्मशाला के धुम्मू शाह मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में अक्षय सूद ने पारंपरिक मेलों को संस्कृति व विरासत के संरक्षण का माध्यम बताया।
रोजाना हिमाचल ब्यूरो। धर्मशाला
धर्मशाला के समीप दाड़ी में आयोजित ऐतिहासिक धुम्मू शाह मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या बड़े उत्साह, उमंग और पारंपरिक रंगों के साथ सम्पन्न हुई। इस अवसर पर सेटलमेंट ऑफिसर अक्षय सूद ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत की और सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि अक्षय सूद ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के पारंपरिक मेले हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और विरासत के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि धुम्मू शाह मेला न केवल क्षेत्रीय आस्था का केंद्र है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से सामाजिक समरसता और भाईचारे को भी बढ़ावा मिलता है।
सांस्कृतिक संध्या के दौरान विभिन्न स्थानीय कलाकारों ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। लोक नृत्य, गीत-संगीत और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
इस अवसर पर मेला अधिकारी एवं एसडीएम मोहित रत्न, जिला भाषा अधिकारी अमित गुलेरी, मेला कमेटी के सदस्यों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेकर मेले की रौनक को और बढ़ाया।
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