नूरपुर में NDRF का 21वां स्थापना दिवस, जवानों ने दिखाया अनुशासन
नूरपुर स्थित 14वीं वाहिनी NDRF ने 21वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास से मनाया। परेड और संदेश के साथ आपदा सेवा का संकल्प दोहराया।
रघुनाथ शर्मा। नूरपुर
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 14वीं वाहिनी नूरपुर में बल का 21वां स्थापना दिवस पूरे हर्षोल्लास और गर्व के साथ मनाया गया। कैंप परिसर में आयोजित समारोह में अनुशासन, सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण की झलक साफ नजर आई।
आकर्षक परेड ने बढ़ाया कार्यक्रम का गौरव
स्थापना दिवस के अवसर पर सहायक सेनानी संतोष (जी.डी.) के नेतृत्व में एक भव्य और आकर्षक परेड का आयोजन किया गया। परेड की सलामी ऑफिसर कमांडिंग रजनीश शर्मा ने ली, जिन्होंने जवानों के अनुशासन और समर्पण की सराहना की।
2006 में हुई थी NDRF की स्थापना
इस मौके पर जवानों को संबोधित करते हुए ऑफिसर कमांडिंग रजनीश शर्मा ने बताया कि आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत वर्ष 2006 में NDRF की स्थापना की गई थी। तब से हर वर्ष 14 जनवरी को इसका स्थापना दिवस मनाया जाता है।
आपदाओं में अग्रिम पंक्ति में रहता है NDRF
रजनीश शर्मा ने कहा कि NDRF का उद्देश्य देश में आने वाली हर प्रकार की आपदाओं के दौरान त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देकर जान-माल की रक्षा करना है।
उन्होंने कहा कि—
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NDRF राष्ट्रीय स्तर पर आपदा प्रबंधन में अग्रणी बल है
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अंतरराष्ट्रीय आपदाओं में भी सहायता प्रदान करता है
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अन्य सुरक्षा बलों, राज्यों और आपदा मित्रों को प्रशिक्षण देता है
“आपदा सेवा सदैव सर्वत्र” — केवल नारा नहीं, संकल्प
NDRF का ध्येय वाक्य “आपदा सेवा सदैव सर्वत्र” है, जिसका अर्थ हर परिस्थिति में निरंतर सेवा देना है।
14वीं वाहिनी NDRF जसूर (नूरपुर) हिमाचल प्रदेश में हर प्रकार की आपदाओं से निपटने के लिए हमेशा तत्पर रहती है।
जवानों और परिवारों को दी शुभकामनाएं
समारोह के समापन पर ऑफिसर कमांडिंग रजनीश शर्मा ने सभी अधिकारियों, जवानों और उनके परिवारजनों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुरक्षित, स्वस्थ और सुखद जीवन की कामना की।
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