60% तक फसल बीमा करवाएं किसान: कृषि मंत्री
कांगड़ा में शिकायत निवारण बैठक में कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने किसानों से फसल बीमा बढ़ाने, ऑर्गेनिक खेती अपनाने और पशुपालन योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।
सुमन महाशा। कांगड़ा
कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने कांगड़ा में आयोजित उपमंडल स्तरीय शिकायत निवारण समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए किसानों से अपनी फसलों का बीमा करवाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल लगभग 10 प्रतिशत फसल ही बीमित है, जिसे बढ़ाकर कम से कम 60 प्रतिशत किया जाना चाहिए।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विकास कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।
पंचायतों को क्लस्टर में बांटकर निगरानी के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
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सभी पंचायतों को क्लस्टर में बांटा जाए।
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प्रत्येक क्लस्टर में विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हो।
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प्रगति रिपोर्ट तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने कहा कि अधिकारी गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनें और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
कृषि और ऑर्गेनिक खेती पर जोर
प्रो. चंद्र कुमार ने कहा:
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कृषि विभाग प्रत्येक पंचायत में किसानों का डेटा तैयार करे।
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ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जाए।
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किसानों की भूमि की जांच कर उन्हें फसल गुणवत्ता सुधारने के सुझाव दिए जाएं।
उन्होंने कहा कि कृषि को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है, क्योंकि कृषि के बिना भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता।
फसल बीमा क्यों जरूरी?
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्राकृतिक आपदा या अन्य नुकसान की स्थिति में फसल बीमा किसानों के लिए सुरक्षा कवच है।
👉 “हर किसान को अपनी हर प्रकार की फसल का बीमा करवाना चाहिए, ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।”
पशुपालन और स्वरोजगार योजनाएं
उन्होंने पशुपालन विभाग को पशुओं का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि कांगड़ा में अब तक लगभग 66 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।
मंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे:
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मुर्गी पालन
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मछली पालन
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बकरी पालन
जैसी सब्सिडी युक्त योजनाओं का लाभ उठाकर रोजगार के अवसर सृजित करें।
डूगीयारी में 250 करोड़ का मिल्क प्लांट
डूगीयारी में 250 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे मिल्क प्लांट का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इसका कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। इससे क्षेत्र के पशुपालकों को उचित मूल्य पर दूध बेचने की सुविधा मिलेगी।
अन्य विभागों की प्रगति रिपोर्ट
बैठक में अधिकारियों ने बताया:
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बिजली विभाग के तहत 22.67 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं।
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ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 9 करोड़ रुपये के कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।
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लोक निर्माण विभाग सड़क और पुल निर्माण कार्य कर रहा है।
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आईपीएच विभाग पेयजल आपूर्ति को 24 घंटे सुनिश्चित करने की दिशा में कार्यरत है।
निष्कर्ष
कांगड़ा में आयोजित इस समीक्षा बैठक में कृषि, पशुपालन और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
मंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि किसानों की आय बढ़ाने, ऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहन देने और फसल बीमा को व्यापक बनाने से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
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