बजट पर जयराम ठाकुर ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, कहा-ऐसा नीरस और दिशाहीन बजट पहले कभी नहीं देखा
हिमाचल बजट 2026 पर जयराम ठाकुर का तीखा हमला, सुक्खू सरकार को बताया दिशाहीन और खोखला। जानें क्या बोले नेता प्रतिपक्ष।
रोजाना हिमाचल ब्यूरो । शिमला
प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा पेश किए गए चौथे बजट पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया है कि इस बजट को लेकर जनता तो छोड़िए, कांग्रेस नेताओं में भी कोई उत्साह नहीं है। जयराम ने इसे प्रदेश के इतिहास का सबसे निराशाजनक दस्तावेज करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट नीरस और दिशाहीन है। जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में लगातार 29 बजट विधानसभा में पेश होते देखे हैंऐसा नीरस और दिशाहीन बजट पहले कभी नहीं देखा। इस बजट को देखकर प्रदेश की जनता अपना माथा पीट रही है। जनता को इस बात का पछतावा हो रहा है कि उन्होंने सत्ता ऐसे दल को क्यों सौंप दी है।
सुक्खू बजट पर जयराम का बड़ा हमला, कहा ‘खोखला’
ठाकुर ने बजट को चालाकी भरा और खोखला बताया, जिसमें केंद्रीय योजनाओं के नाम बदलकर वाहवाही लूटने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि धरातल पर कोई वास्तविक प्रावधान नहीं है, जिससे प्रदेश का कोई भी वर्ग संतुष्ट या उत्साहित नहीं है और मुख्यमंत्री को अपनी विफलताएं छिपाने के लिए सदन में मजाक का सहारा लेना पड़ रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने हिमाचल प्रदेश को विकास के पायदान से नीचे धकेल कर गर्त में डाल दिया है। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर यह पहली सरकार है जो प्रदेशवासियों को कुछ देने के बजाय उनसे छीनने में यकीन रखती है। सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार द्वारा बनाए गए 2000 से ज्यादा संस्थान छीन लिए। अब सरकार लोगों से जनहित योजनाओं का बजट और कर्मचारियों की वेतन छीन रही है।
बोले-सरकार का अत्याचार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
ठाकुर ने कहा कि सरकार का अत्याचार अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के व्यवहार पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री का अहंकार सातवें आसमान पर रहा। ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट तैयार करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की मेहनत को पूरी तरह दरकिनार कर दिया। उन्होंने सारा श्रेय खुद लेने की कोशिश की। ठाकुर ने बजट को चालाकी भरा और खोखला बताया, जिसमें केंद्रीय योजनाओं के नाम बदलकर वाहवाही लूटने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि धरातल पर कोई वास्तविक प्रावधान नहीं है, जिससे प्रदेश का कोई भी वर्ग संतुष्ट या उत्साहित नहीं है और मुख्यमंत्री को अपनी विफलताएं छिपाने के लिए सदन में मजाक का सहारा लेना पड़ रहा है।
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