टांडा से हृदय रोग विशेषज्ञ के तबादले पर भड़के पवन काजल, बोले- गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर धकेल रही सरकार

भाजपा उपाध्यक्ष एवं विधायक पवन काजल ने टांडा मेडिकल कॉलेज से कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मुकुल भटनागर के तबादले पर सरकार को घेरा। उन्होंने इसे गरीब और ओबीसी विरोधी निर्णय बताते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया।

Jun 9, 2026 - 20:33
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टांडा से हृदय रोग विशेषज्ञ के तबादले पर भड़के पवन काजल, बोले- गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर धकेल रही सरकार

हिमाचल भाजपा के उपाध्यक्ष एवं विधायक पवन काजल ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा से कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मुकुल भटनागर के तबादले को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस निर्णय को गरीब, आमजन और ओबीसी वर्ग के हितों के खिलाफ बताया।

पवन काजल ने कहा कि कार्डियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. मुकुल भटनागर को मरीजों की जांच और उपचार संबंधी जिम्मेदारियों से हटाकर शिमला में डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन के ओएसडी के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को सीधा नुकसान होगा।

विधायक ने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग में प्रतिदिन 200 से 300 मरीज उपचार और परामर्श के लिए पहुंचते थे। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को अब निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ सकता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

काजल ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से निजी स्वास्थ्य संस्थानों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के तथाकथित "व्यवस्था परिवर्तन" के दावों की वास्तविकता अब जनता के सामने आ रही है।

उन्होंने टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें डॉ. मुकुल भटनागर के तबादले को शिकायत के आधार पर बताया गया था। काजल ने पूछा कि यदि अन्य विभागों के चिकित्सकों के खिलाफ भी शिकायतें मिली हैं तो उनके मामलों में क्या कार्रवाई की गई है।

विधायक ने कहा कि एक सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक को मरीजों की सेवा से हटाकर कार्यालयी कार्यों में लगाना स्वास्थ्य सेवाओं के हित में नहीं है। उन्होंने इसे आम जनता के साथ अन्याय करार दिया।

पवन काजल ने अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि टांडा अस्पताल की लिफ्ट लंबे समय से खराब पड़ी है और एमआरआई तथा सीटी स्कैन के लिए मरीजों को दो से तीन महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल के बाहर लगातार खुल रहे निजी एमआरआई और सीटी स्कैन केंद्र भी कई सवाल खड़े करते हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं किया और टांडा अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया, तो भाजपा क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेगी।

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