नशे के खिलाफ छात्रों का संदेश, नूरपुर स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम
नूरपुर के पीएमश्री बीटीसी विद्यालय में नशा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने पेंटिंग और स्लोगन प्रतियोगिता के जरिए नशा मुक्ति का संदेश दिया।
नूरपुर से रघुनाथ शर्मा कि रिपोर्ट ।
युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पीएमश्री बीटीसी राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नूरपुर में नशा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत तहसील कल्याण अधिकारी, नूरपुर द्वारा आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील कल्याण अधिकारी अनूप सिंह ने की। इस दौरान विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
प्रतियोगिताओं के जरिए दिया नशा मुक्ति का संदेश
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग और स्लोगन लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों तथा नशा मुक्त समाज की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
विद्यार्थियों ने अपने चित्रों और नारों के माध्यम से यह संदेश दिया कि—
• नशा जीवन को बर्बाद करता है।
• युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देना जरूरी है।
• स्वस्थ समाज के लिए नशा मुक्त वातावरण आवश्यक है।
• शिक्षा, खेल और संस्कार ही सफलता का आधार हैं।
युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान
अपने संबोधन में तहसील कल्याण अधिकारी अनूप सिंह ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और भविष्य को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में विद्यार्थियों को शिक्षा, खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए।
उन्होंने युवाओं से समाज में नशा विरोधी अभियान के सहभागी बनने का भी आह्वान किया।
विद्यार्थियों ने ली नशा मुक्त समाज की शपथ
कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थियों को नशा मुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई गई।
विद्यालय के प्रधानाचार्य के.सी. दियोल ने इस पहल के लिए तहसील कल्याण विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
बढ़ते नशे के खतरे के बीच ऐसे जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। नूरपुर में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को न केवल जागरूक करने में सफल रहा, बल्कि उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेशवाहक बनने के लिए भी प्रेरित कर गया।
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