जग्गी ने सराहा हिमाचल बजट, बोले-युवा, किसान और महिलाओं के लिए अवसरों का बजट
हिमाचल बजट 2026-27 में युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और कृषि सुधार के बड़े अवसर शामिल।
संजीव भारद्वाज। धर्मशाला
धर्मशाला के पूर्व मेयर देवेन्द्र जग्गी ने आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत हिमाचल प्रदेश के बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट राज्य के समग्र, संतुलित एवं जनकल्याणकारी विकास की स्पष्ट दिशा तय करता है। उन्होंने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद सरकार ने सामाजिक सुरक्षा, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, कृषि सुदृढ़ीकरण तथा बुनियादी ढांचे के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए दूरदर्शी और प्रभावी घोषणाएं की हैं, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगी। जग्गी ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में 1000 कांस्टेबल पदों तथा 50 महिला इंस्पेक्टर की सीधी भर्ती का निर्णय सराहनीय है। इसके साथ ही “खेलो हिमाचल चिट्टा मुक्त अभियान” के माध्यम से 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 50 हजार युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने की पहल नशे के खिलाफ एक सकारात्मक कदम साबित होगी। शिक्षा क्षेत्र में 9660 करोड़ रुपये का प्रावधान कर सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया है। 75 से कम छात्रों वाले कॉलेजों के विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय में प्रवेश लेने पर 5000 रुपये स्टाइपेंड देने, कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम लागू करने तथा अगले वर्ष 150 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने का लक्ष्य शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में सहायक सिद्ध होगा।
महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए “इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना” के तहत एक लाख महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही पात्र परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का निर्णय आमजन को राहत प्रदान करेगा। बीपीएल परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु 51 हजार रुपये की सहायता भी सराहनीय पहल है। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में दिव्यांगजनों की पेंशन को 1700 रुपये से बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रतिमाह करना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है, जिससे लगभग 7 हजार लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत 3 लाख रुपये तक का ऋण मात्र 4 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाना स्वरोजगार को बढ़ावा देगा।
प्राकृतिक खेती उत्पादों के समर्थन मूल्य में वृद्धि करना ऐतिहासिक निर्णय
कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्राकृतिक खेती उत्पादों के समर्थन मूल्य में वृद्धि करना ऐतिहासिक निर्णय है। गेहूं का एमएसपी 60 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो, मक्की 40 से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलो, हल्दी 90 से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो तथा अदरक का समर्थन मूल्य पहली बार 30 रुपये प्रति किलो तय किया गया है। दुग्ध उत्पादकों के हित में गाय के दूध का खरीद मूल्य 51 से बढ़ाकर 61 रुपये तथा भैंस के दूध का 61 से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर करना किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा। राज्य में दूध खरीद को 4 करोड़ लीटर से बढ़ाकर 8 करोड़ लीटर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी सराहनीय है। इसके अतिरिक्त गद्दी समुदाय के कल्याण हेतु 300 करोड़ रुपये की विशेष योजना का प्रावधान सरकार की समावेशी सोच को दर्शाता है। देवेन्द्र जग्गी ने कहा कि यह बजट प्रदेश के युवा, किसान, महिला, श्रमिक और जरूरतमंद को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है
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