रोबोटिक सर्जरी से बदलेगा IGMC में इलाज का तरीका

आईजीएमसी शिमला में रोबोटिक सर्जरी की तैयारी पूरी, केएनएच का गायनी सर्जरी विभाग मार्च तक होगा शिफ्ट।

Feb 9, 2026 - 18:29
 0  9
रोबोटिक सर्जरी से बदलेगा IGMC में इलाज का तरीका

शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में इलाज की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने वाली है। अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसके साथ ही कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) के गायनी सर्जरी विभाग को आईजीएमसी में शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। मार्च तक यह विभाग आईजीएमसी में स्थानांतरित किया जाना प्रस्तावित है। रोबोटिक सर्जरी से बेहद छोटे चीरे में ऑपरेशन संभव होगा, जिससे मरीजों को कम दर्द और तेजी से रिकवरी मिलेगी।

50 बेड का अत्याधुनिक गायनी सर्जरी वार्ड तैयार

आईजीएमसी के बी-ब्लॉक की पांचवीं मंजिल पर 50 बेड का अत्याधुनिक गायनी सर्जरी वार्ड पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। वार्ड की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए केएनएच से एक वार्ड सिस्टर को आईजीएमसी में तैनात किया गया है। इसके अलावा केएनएच प्रबंधन ने आईजीएमसी परिसर में अपने लिए निर्धारित स्थान भी ऑक्यूपाई कर लिया है। हालांकि, फिलहाल केएनएच में ओपीडी और आईपीडी सेवाएं यथावत जारी हैं और मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो रही है।

सीटीवीएस ओटी में लगाया जा रहा सर्जिकल रोबोट

आईजीएमसी के बी-ब्लॉक स्थित सीटीवीएस विभाग के ऑपरेशन थिएटर में अत्याधुनिक सर्जिकल रोबोट स्थापित किया जा रहा है। हालांकि, रोबोट को संचालित करने के लिए कंट्रोल रूम का निर्माण अभी शेष है। रोबोटिक तकनीक के माध्यम से सर्जरी में रक्तस्राव कम होगा और मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट सकेंगे। प्रदेश में इससे पहले चमियाणा स्थित अटल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू हो चुकी है। अब आईजीएमसी भी इस हाईटेक सूची में शामिल होने जा रहा है।

डॉक्टरों का प्रशिक्षण सबसे बड़ी चुनौती

रोबोटिक सर्जरी शुरू करने से पहले डॉक्टरों का विशेष प्रशिक्षण जरूरी है, जो इस समय सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। आईजीएमसी, केएनएच और चमियाणा अस्पतालों के करीब 50 फीसदी डॉक्टर शीतकालीन अवकाश पर हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की प्राथमिकता केएनएच के गायनी सर्जरी विभाग के डॉक्टरों को रोबोटिक सर्जरी की ट्रेनिंग देना है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही विभाग को आईजीएमसी में शिफ्ट किया जाएगा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0