संगड़ाह की सड़कों ने एक महीने में लीं 17 जानें
संगड़ाह की खस्ताहाल सड़कों पर हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे। एक महीने में 17 मौतों के बाद क्षेत्र में रोष बढ़ता जा रहा है।
नाहन । हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री डा. यशवंत सिंह परमार व वर्तमान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विनय कुमार के हलके अथवा लोक निर्माण मंडल संगड़ाह के अंतर्गत आने वाली सडक़ों पर पिछले एक महीने में 17 लोगों की मौत के बाद क्षेत्रवासी यहां की खस्ताहाल सडक़ों को कातिल कहने लगे हैं।
गुरुवार रात करीब आठ बजे पालर के समीप सताई नामक स्थान पर दुर्घटनाग्रस्त हुई कार एचपी-79-2810 में जहां पालर पंचायत चौकीदार 31 वर्षीय अभिमन्यु की जान गई, वहीं इसी गांव के 35 वर्षीय संजय तथा 28 वर्षीय अशोक घायल हो गए। इससे पहले गुरुवार शाम ही हरिपुरधार के समीप हुई बाइक दुर्घटना में जहां इसी क्षेत्र के लालग गांव के 22 साल के अरुण की जान गई, वहीं उनके छोटे भाई घायल हो गए। इससे पहले गत 27 जनवरी को चौरास के पास हुए कार हादसे में जहां हरियाणा के पर्यटक की जान गई थी, वहीं दो लोग घायल हुए।
गत नौ जनवरी को हरिपुरधार के समीप हुए जीत कोच नामक निजी बस हादसे में 14 लोगों की जान गई थी और उप-मुख्यमंत्री व उद्योग मंत्री आदि बड़े नेता भी यहां शोक जताने पहुंचे थे। एसडीएम संगड़ाह सुनील कायथ द्वारा की गई दंडाधिकारी जांच के मुताबिक उपायुक्त ने ओवरलोडिंग को हादसे का मुख्य कारण बताया था और सडक़ पर गड्ढे होने, पाला जमने व चालक का लाइसेंस एक्सपायर होने की भी बात कही थी।
एसडीएम संगड़ाह सुनील कायथ ने बताया कि हरिपुरधार व पालर के पास हुए हादसे में मारे गए लोगों के आश्रितों को 25- 25 हजार की तुरंत राहत जारी की गई है। हरिपुरधार बस हादसे के बाद 45 साल तक बतौर विधायक रेणुकाजी का नेतृत्त्व करने वाले विनय कुमार व उनके दिवंगत पिता को पूर्व कांग्रेस मंडल उपाध्यक्ष जगत सिंह ने क्षेत्र की खस्ताहाल सडक़ों का दोषी करार दिया था और इसके बाद उन्हें छह साल के लिए कांग्रेस से निष्कासित किया गया है।
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