यूजीसी कानून के विरोध में नूरपुर स्वर्ण समाज का ज्ञापन, निरस्तीकरण की मांग
नूरपुर में समस्त स्वर्ण समाज ने यूजीसी कानून को समाज विभाजक बताते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर इसे तुरंत निरस्त करने की मांग की।
नूरपुर । तहसील नूरपुर समस्त स्वर्ण समाज हिमाचल प्रदेश, जिला कांगड़ा ने सोमवार को भारत सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी कानून के विरोध में आवाज बुलंद की। समाज के प्रतिनिधियों ने इस कानून को समाज को विभाजित करने वाला बताते हुए महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन उपमंडल नूरपुर के नायब तहसीलदार के माध्यम से भेजा।
स्वर्ण समाज के नेताओं ने कहा कि देश का ग्रामीण सामाजिक ताना-बाना पहले ही जातीय वर्गीकरण के कारण प्रभावित हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वर्ण समाज की कुछ जातियां बीते करीब 70 वर्षों से आरक्षण की मार झेल रही हैं और योग्य होने के बावजूद सरकारी नौकरियों से वंचित रह जाती हैं।
नेताओं के अनुसार, नए यूजीसी कानून के लागू होने से अब स्वर्ण समाज के छात्र-छात्राओं में भी भय का वातावरण बनेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी को पढ़ाई के लिए भयमुक्त माहौल चाहिए, लेकिन इस कानून के बाद मानसिक दबाव बढ़ेगा, जिससे प्रतिभाशाली छात्र अपनी क्षमता का पूरा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे।
प्रतिभा के दमन और ब्रेन ड्रेन की चेतावनी
स्वर्ण समाज ने आशंका जताई कि इस कानून से कई मेधावी विद्यार्थी देश छोड़कर विदेश जाने को मजबूर हो सकते हैं, जिससे भारत में ब्रेन ड्रेन की समस्या और गंभीर हो जाएगी। नेताओं ने कहा कि इससे वैज्ञानिक, साहित्यकार और विद्वान बनने की संभावनाएं प्रभावित होंगी।
सामाजिक सौहार्द पर पड़ेगा असर
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान में विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों के बीच जो सामंजस्य और सहयोग बना हुआ है, वह इस कानून के कारण टूट सकता है। इससे शिक्षण संस्थानों में तनाव, झड़पें और सामाजिक द्वेष बढ़ने की आशंका है, जिसका बोझ पुलिस और न्यायपालिका पर भी पड़ेगा।
कानून को तुरंत निरस्त करने की मांग
नूरपुर समस्त स्वर्ण समाज ने स्पष्ट कहा कि भारतीय समाज की सभी जातियां एक-दूसरे की पूरक हैं। यदि समाज को बांटने वाले कानून लागू रहे, तो इससे देश की एकता और गरिमा को नुकसान पहुंचेगा। समाज ने केंद्र सरकार से मांग की कि यूजीसी कानून को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए, ताकि भारत का भविष्य कहे जाने वाले विद्यार्थी सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण में आगे बढ़ सकें।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0