टांडा मेडिकल कॉलेज में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जागरूकता अभियान
DRPGMC टांडा में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित। 250 लोगों ने ‘Say No to Tobacco’ की शपथ ली, तंबाकू के दुष्प्रभावों पर चर्चा हुई।
सुमन महाशा। कांगड़ा
डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (DRPGMC) टांडा के मनोचिकित्सा विभाग द्वारा शनिवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day 2026) के अवसर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ भवन स्थित मनोचिकित्सा ओपीडी में किया गया।
इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम “Unmasking the Appeal: Countering the Tobacco and Nicotine Addiction” रही, जिसका उद्देश्य तंबाकू और निकोटीन उद्योग द्वारा युवाओं को आकर्षित करने के लिए अपनाई जाने वाली रणनीतियों को उजागर करना है।
युवाओं को निशाना बना रही तंबाकू इंडस्ट्री
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि तंबाकू और निकोटीन उत्पादों को आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न फ्लेवर, रंग और सुगंध का उपयोग किया जाता है। इनका उद्देश्य तंबाकू की कठोरता को छिपाकर युवाओं को इसकी ओर आकर्षित करना है।
विशेषज्ञों ने कहा कि तंबाकू का बढ़ता उपयोग आज वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी जनस्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। हर वर्ष लाखों लोगों की मौत और गंभीर बीमारियों का कारण तंबाकू बन रहा है।
तंबाकू से होने वाली प्रमुख बीमारियां
कार्यक्रम के दौरान तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों की जानकारी दी गई। इनमें शामिल हैं—
- मुंह, गले और फेफड़ों का कैंसर
- पेट और मूत्राशय का कैंसर
- अस्थमा और सीओपीडी (सांस संबंधी रोग)
- हार्ट अटैक और स्ट्रोक
- उच्च रक्तचाप
- अंधापन और मोतियाबिंद
- बांझपन और नपुंसकता
- चिंता और अवसाद जैसी मानसिक समस्याएं
विशेषज्ञों ने बताया कि सक्रिय धूम्रपान करने वालों के साथ-साथ परोक्ष धूम्रपान (Passive Smoking) भी स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
250 लोगों ने ली ‘Say No to Tobacco’ शपथ
कार्यक्रम का शुभारंभ मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने किया। उन्होंने तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हुए आम जनता, विद्यार्थियों और कर्मचारियों से तंबाकू से दूरी बनाने की अपील की।
इस अवसर पर डॉ. मिलाप शर्मा ने उपस्थित लोगों को ‘Say No to Tobacco’ की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में फैकल्टी, छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों और मरीजों सहित कुल 250 लोगों ने तंबाकू मुक्त जीवन का संकल्प लिया।
विशेषज्ञों ने दी तंबाकू छोड़ने की जानकारी
मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. (मेजर) सुखजीत सिंह ने तंबाकू के शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वहीं डॉ. पंकज कंवर ने विभाग में उपलब्ध तंबाकू मुक्ति सेवाओं और परामर्श सुविधाओं की जानकारी दी। डॉ. अभिनव आदित्य और डॉ. कृति साहोरे ने इस वर्ष की थीम पर चर्चा करते हुए निकोटीन की लत से बचाव के उपाय बताए।
कार्यक्रम के दौरान एमबीबीएस और जीएनएम छात्रों ने भी युवाओं में बढ़ती तंबाकू की लत को रोकने के लिए अपने सुझाव साझा किए।
हर मंगलवार संचालित होती है तंबाकू मुक्ति क्लीनिक
मनोचिकित्सा विभाग, DRPGMC टांडा में प्रत्येक मंगलवार को विशेष Tobacco Cessation Clinic (TCC) संचालित की जाती है। विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में 421 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जिन्हें काउंसलिंग और दवाओं के माध्यम से तंबाकू की लत छोड़ने में सहायता प्रदान की गई।
निष्कर्ष
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का प्रभावी प्रयास साबित हुआ। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि तंबाकू छोड़ना न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य बल्कि पूरे समाज के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है।
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