विजन नहीं, भ्रम का बजट, हिमाचल के साथ अन्याय : बिक्रम ठाकुर
बिक्रम ठाकुर ने हिमाचल बजट 2026-27 को ‘भ्रम जाल’ बताते हुए कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला, विकास और आर्थिक स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए।
रोजाना हिमाचल ब्यूरो। धर्मशाला
पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के बजट 2026-27 पर कांग्रेस सरकार को जमकर घेरा और इसे “हिमाचल की जनता के साथ खुला धोखा” बताया है । उन्होंने कहा कि यह बजट न नीति दर्शाता है, न नीयत, यह सिर्फ राजनीतिक प्रबंधन और विफलताओं को छुपाने का एक भद्दा प्रयास है। जिस बजट को सरकार उपलब्धियों का दस्तावेज बता रही है, वह असल में झूठ, भ्रम और खोखले वादों का पुलिंदा है। बिक्रम ठाकुर ने बजट के घटे हुए आकार को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस बार का कुल बजट ₹54,928 करोड़ है, जो पिछले साल के ₹58,514 करोड़ से लगभग ₹3,500 करोड़ कम है। जब खजाना खाली है तो विकास के सपने कैसे दिखाए जा रहे हैं? कांग्रेस सरकार हिमाचल को आर्थिक गर्त में धकेलकर अब आंकड़ों की बाजीगरी से सच्चाई छुपा रही है।
उन्होंने 300 से अधिक अधूरे पड़े कार्यों के लिए मात्र ₹500 करोड़ के प्रावधान को जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा बताया। सैकड़ों परियोजनाएं अधूरी हैं, सड़कें, स्वास्थ्य, शिक्षा सब प्रभावित हैं, और सरकार केवल कागजी खानापूर्ति कर रही है। यह बजट नहीं, अपनी नाकामी को ढकने की एक असफल कवायद है। उन्होंने सरकार से पूछा कि इन अधूरे कार्यों को पूरा करने की कोई समयसीमा या जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई। किसानों, महिलाओं और गरीबों के नाम पर की गई घोषणाओं को उन्होंने “साफ-साफ चुनावी रिश्वत” बताया। “MSP बढ़ाने की घोषणाएं, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और ₹1500 देने के वादे — ये सब केवल वोट बटोरने के हथकंडे हैं। प्रदेश की आर्थिक स्थिति पहले ही कमजोर है, फिर भी सरकार बिना किसी ठोस वित्तीय आधार के योजनाओं का ढिंढोरा पीट रही है।
ठाकुर ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहले भी बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन धरातल पर कुछ भी नजर नहीं आया। पर्यटन, हेलीकॉप्टर सेवा, नए शहरों और बड़े प्रोजेक्ट्स के ऐलानों पर उन्होंने तीखा व्यंग्य करते हुए कहा कि “यह सब कागजों पर उड़ने वाले सपने हैं, जिनका जमीन से कोई लेना-देना नहीं है।” उन्होंने कहा कि न फंडिंग का स्पष्ट रोडमैप है और न ही क्रियान्वयन की कोई गंभीर योजना। कांग्रेस सरकार ने हिमाचल को घोषणाओं की प्रयोगशाला बना दिया है, जहां हर दिन नए सपने बेचे जाते हैं, लेकिन हकीकत शून्य रहती है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि यह बजट पूरी तरह से दिशाहीन, भ्रामक और जनता की उम्मीदों के साथ विश्वासघात है। न रोजगार की कोई ठोस नीति, न महंगाई से राहत, न विकास की स्पष्ट दिशा — यह बजट कांग्रेस सरकार की असफलता का आईना है। हिमाचल की जागरूक जनता अब इस भ्रम की राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका करारा जवाब देगी।
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