जयराम के बयान पर विक्रमादित्य का करारा पलटवार, ट्रोलर्स को भी दिया दो टूक जवाब
सुंदरनगर में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयान और सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर पलटवार करते हुए कहा कि वे कांग्रेस की विचारधारा के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।
सुंदरनगर/मंडी।
जयराम के बयान पर विक्रमादित्य का पलटवार, ट्रोलर्स को भी दिया जवाब
Vikramaditya Singh, लोक निर्माण मंत्री हिमाचल प्रदेश, ने मंडी जिला के दौरे के दौरान विपक्ष और सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग को लेकर अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करते हुए कड़ा जवाब दिया। उन्होंने Jairam Thakur के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने कांग्रेस को जड़ से उखाड़ने की बात कही थी।
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता अपने कार्यकाल में ‘मिशन रिपीट’ को ‘मिशन डिफीट’ में बदल चुके हों, उन्हें इस तरह के बड़े दावे शोभा नहीं देते। उन्होंने कहा कि जब Narendra Modi पूरे देश को कांग्रेस मुक्त नहीं कर पाए, तो जयराम ठाकुर का यह दावा महज भ्रम है, जो 2027 के चुनावों में पूरी तरह टूट जाएगा।
भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर लगाया विराम
सोशल मीडिया पर उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वे Indian National Congress की विचारधारा के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि 1977 में कांग्रेस के सबसे कठिन दौर में, जब प्रदेश में पार्टी का कार्यालय तक नहीं था, तब उनके पिता Virbhadra Singh ने अपने निजी निवास Holly Lodge Shimla से तीन वर्षों तक पार्टी को मजबूती दी थी।
उन्होंने कहा कि ऐसे में उन्हें किसी से भी कांग्रेस निष्ठा का प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है।
विकास के लिए प्रतिबद्ध
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हिमाचल और मंडी के विकास के लिए काम कर रहे हैं और केंद्र से राज्य का हक दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने अपने लंबे कार्यकाल में प्रदेश को आधुनिक स्वरूप देने में अहम योगदान दिया।
वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का सम्मान जरूरी
वरिष्ठ नेता Kaul Singh Thakur द्वारा उठाए गए मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि इन बातों को मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu के संज्ञान में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में वरिष्ठ नेताओं के अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
विक्रमादित्य सिंह ने भरोसा दिलाया कि यदि शासन या प्रशासन में कहीं कोई कमी पाई जाती है तो उसे सुधारने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम कर रही है और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
अंत में उन्होंने दोहराया कि वीरभद्र सिंह की विरासत और उनके द्वारा स्थापित विकास के मानकों को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है तथा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा।
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