स्वास्थ्य, जलशक्ति, सड़कें—परमार ने गिनाईं कांग्रेस की नाकामियां
विधायक विपिन सिंह परमार ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। स्वास्थ्य सेवाओं, जलशक्ति विभाग के घोटालों और सड़कों की बदहाली को बताया सरकार की बड़ी नाकामी।
सुमन महाशा। धर्मशाला
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, सुलह विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता विपिन सिंह परमार ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि सरकार के खोखले दावे अब पूरी तरह उजागर हो चुके हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, जलशक्ति विभाग में भ्रष्टाचार और सड़कों की खराब स्थिति कांग्रेस सरकार की असफल नीतियों का स्पष्ट प्रमाण है।
स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं, गरीब मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित
परमार ने कहा कि आयुष्मान भारत और हिमकेयर जैसी योजनाएं अब केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
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धर्मशाला क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को दवाइयां और सर्जिकल सामग्री खुद खरीदनी पड़ रही है
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सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन का करीब 40 लाख रुपये का भुगतान लंबित है
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भुगतान न होने से दवाइयों और उपकरणों की आपूर्ति बाधित हो रही है
परमार ने इसे कांग्रेस सरकार की वित्तीय बदहाली और संवेदनहीनता बताया।
जलशक्ति विभाग में पाइप घोटाला: सरकारी खजाने पर डाका
विपिन सिंह परमार ने जलशक्ति विभाग में सामने आए पाइप खरीद मामले को सुनियोजित भ्रष्टाचार करार दिया।
उन्होंने कहा—
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सस्ते दामों पर कच्चा माल खरीदकर महंगी दरों पर सप्लाई की गई
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निविदा शर्तों की अनदेखी कर कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया
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स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट सरकार की लापरवाही नहीं, बल्कि जानबूझकर किए गए घोटाले की ओर इशारा करती है
परमार ने सवाल उठाया कि जब मार्च से जून के बीच कच्चे माल की कीमतें घटी थीं, तब ऊंचे दामों पर भुगतान क्यों किया गया।
सड़कों की बदहाली पर मंत्री का बयान—खुद का कबूलनामा
उन्होंने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की 20 प्रतिशत सड़कें बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही हैं, यह कांग्रेस सरकार की विफलता का खुला स्वीकार है।
परमार ने कहा कि—
“नई तकनीक की बात करना इस बात का प्रमाण है कि अब तक बनी सड़कें टिकाऊ नहीं थीं और जनता को सुरक्षित सफर नहीं मिल पाया।”
अफसरशाही पर बयान से उजागर हुई प्रशासनिक कमजोरी
परमार ने मंत्री द्वारा आईएएस-आईपीएस अधिकारियों को लेकर दिए गए बयान को सरकार की कमजोर प्रशासनिक पकड़ का संकेत बताया।
उन्होंने कहा कि जब मंत्री यह स्वीकार करें कि अधिकारी हिमाचल की भौगोलिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता नहीं समझ पा रहे, तो यह शासन की विफलता है।
भाजपा का ऐलान: सड़कों से सदन तक संघर्ष
विपिन सिंह परमार ने साफ कहा कि भाजपा कांग्रेस सरकार की नाकामियों और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी।
भाजपा की प्रमुख मांगें—
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स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की उच्च स्तरीय जांच
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जलशक्ति विभाग के घोटालों पर कड़ी कार्रवाई
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दोषी अधिकारियों और मंत्रियों को जवाबदेह ठहराया जाए
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो भाजपा सड़कों से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।
निष्कर्ष
परमार ने कहा कि प्रदेश की जनता अब कांग्रेस सरकार के झूठे वादों को समझ चुकी है। स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार और बुनियादी ढांचे की बदहाली आने वाले समय में सरकार से जवाबदेही तय करेगी और जनता इसका करारा जवाब देगी।
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