फल-सब्जियों पर 1% मार्केट फीस लागू, 2014 की अधिसूचना रद्द, बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों पर कसेगा शिकंजा
हिमाचल में फल-सब्जियों पर 1% मार्केट फीस लागू, बिना लाइसेंस व्यापारियों पर सख्ती। जानें नए नियम और मंडियों पर असर।
शिमला । हिमाचल प्रदेश सरकार ने मार्केट फीस को लागू कर दिया है। अब सब्जी मंडियों व बाहरी क्षेत्रों में थोक व्यापार कर रहे व्यापारियों को एक प्रतिशत मार्केट फीस देनी होगी। बिना लाइसेंस सब्जी-फल का थोक व्यापार करने वाले व्यक्ति से पांच गुना मार्केट फीस लेने का प्रावधान नियमों में है। सरकार के इस फैसले के बाद न केवल मंडी समितियों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि बाहरी क्षेत्रों से बिना लाइसेंस थोक व्यापार करने वाले व्यापारियों पर भी शिकंजा कसेगा।
उल्लेखनीय है की सब्जी मंडियों में कारोबार करने वाले आढ़ती लंबे समय से यह मांग उठाते रहे हैं कि पंजाब के व्यापारी गाडिय़ों में माल भरकर लाते हैं और दुकानदारों को बेचते हैं। अब नए फैसले के बाद इस पर शिकंजा कसेगा। दीगर है बाहरी क्षेत्र में खुले में थोक व्यापार करने वाले व्यक्तियों की वजह से सब्जी मंडियों के कारोबार में कमी आई है। इससे मंडी समितियों को भी नुकसान झेलना पड़ रहा था। मंडी समितियों को मार्केट फीस से होने वाले मुनाफे का 25 फीसदी भाग मंडी बोर्ड को जाता है, जबकि 75 प्रतिशत राशि से मंडियों का विकास किया जाता है।
अब नए फैसले के बाद मंडी समितियों की इनकम की बढ़ोतरी होगी। उल्लेखनीय है कि साल 2014 में प्रदेश सरकार ने केंद्र में मनमोहन सिंह सरकार के दबाव में फल-सब्जियों पर मार्केट फीस बंद कर दी थी, लेकिन अब ही कांग्रेस सरकार ने 2014 की अधिसूचना को रद्द कर फिर से सभी फल-सब्जियों पर एक प्रतिशत मार्केट फीस लागू कर दी है।
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